लुधियाना में एनकाउंटर: दो आरोपी ढेर, चंडीगढ़ से आई एजीटीएफ टीम ने की कार्रवाई
चंडीगढ़ से आई एजीटीएफ की टीम ने लुधियाना में एनकाउंटर किया है। इस एनकाउंटर में दो आरोपी ढेर हो गए। एजीटीएफ की टीम को कुछ इनपुट मिले थे जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई।
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लुधियाना के आत्मा पार्क इलाके में रविवार दोपहर एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जिला पुलिस की टीम की गैंगस्टरों से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से करीब 25 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमृतसर निवासी दो गैंगस्टर मारे गए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी आत्मा पार्क में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में विरोधी गुट के लोगों पर हमला करने की साजिश के तहत पहुंचे थे। मौके से तीन 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई हैं।
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के मुताबिक पुलिस को इनपुट मिला था कि विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल के संपर्क में आए दो शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आत्मा पार्क इलाके में पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर एजीटीएफ और जिला पुलिस ने घेराबंदी की। दोपहर करीब तीन बजे संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया और हथियार डालने के लिए कहा गया लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। करीब 25 राउंड फायरिंग के बाद दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
2016 की हत्या से जुड़ी थी रंजिश
पुलिस के अनुसार 2016 में लुधियाना के युवक रवि ख्वाजके की हत्या हुई थी। पुलिस का दावा है कि इस हत्या में दविंदर बंबिहा का नाम सामने आया था और बाद में पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। रवि ख्वाजके की याद में आत्मा पार्क इलाके में कुछ युवकों ने ब्लड डोनेशन कैंप लगाया था। पुलिस को आशंका थी कि इसी कैंप में मौजूद विरोधी गुट के लोगों को निशाना बनाया जा सकता है।
चैंबर में गोलियां भरी थीं
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से तीन 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद कीं। पुलिस के मुताबिक हथियारों में गोलियां लोड थीं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी कैंप में पहुंचकर सीधे फायरिंग करने की तैयारी में थे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, विदेश में बैठे आकाओं और वारदात के लिए हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों की कड़ियां खंगाल रही है।