देखिए, नवजात बच्चों के चुराकर बेचने वाली इन महिलाओं को
अस्पताल से नवजात बच्चा चुराने वाली महिलाएं आखिर पुलिस की गिरफ्त में आ ही गईं। ये तीनों बच्चों को अगवा कर खरीदने और बेचने का काम करती हैं। देखिए तस्वीरों में।
देखिए, नवजात बच्चों के चुराकर बेचने वाली इन महिलाओं को
पंजाब के जालंधर में कमिश्नरेट पुलिस ने सिविल अस्पताल से बच्चा और बच्ची चुराने वाली तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन्होंने कई चौंकाने वाली बातें बताई। इन तीनों ने जालंधर सिविल अस्पताल से 5 घंटे का बच्चा और लुधियाना के सिविल अस्पताल से दो दिन की बच्ची चुराई थी। इनकी पहचान सीमा, ज्योति और रेखा के रूप में हुई है। ज्योति सीमा की सौतेली बेटी है और रेखा सीमा की बहन है।
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प्रेसवार्ता में एसीपी डीडी शर्मा ने कहा कि लुधियाना के सिविल अस्पताल से अगवा हुई दो दिन की बच्ची को जालंधर से बरामद कर लिया गया है। आरोपी ज्योति ने नकली नर्स बनकर बच्ची चोरी की थी। उन्होंने कहा कि थाना नंबर चार की पुलिस सिविल अस्पताल से अगवा पांच घंट के बच्चे के मामले की जांच में जुटी हुई थी। इस दौरान पुलिस को पता लगा कि हरगोबिंद नगर में रहने वाली रेखा नामक महिला एक बच्चा लेकर घर आई है।
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पुलिस को यह जानकारी कांग्रेसी नेता राजू ने दी थी। इसके बाद पुलिस रेखा के घर पहुंची। रेखा ने दावा किया कि यह बच्चा उसकी बहन सीमा लेकर आई थी। पुलिस ने मौके पर सीमा को बुलाया। सीमा ने कहा कि यह बच्चा उसकी लुधियाना रहती सौतेली बेटी ज्योति का है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने कहानी बनाई कि ज्योति के जुड़वा बेटा-बेटी हुए थे। उसी ने बच्चा उनको सौंपा है। पुलिस को उनकी बनाई कहानी पर शक हुआ, क्योंकि कोई भी महिला अपना बेटा देने के बजाए बेटी देती।
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पुलिस ने ज्योति पर दबाव बनाया तो वह थाने में एक नवजन्मी बच्ची को लेकर भी पेश हो गई। फिर ज्योति ने कहा कि उसने लुधियाना सिविल अस्पताल में इन दोनों बच्चों को जन्म दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बताई। ज्योति ने बताया कि उसने बीते शनिवार सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड से बच्चा चुराया था। उसने वह बच्चा अपनी सौतेली मां सीमा को दे दिया। इसके बाद लुधियाना के सिविल अस्पताल से बुधवार को एक बच्ची चोरी की थी।