आए दिन भारत पर गोलियां बरसाने वाले पाकिस्तान की एक नापाक हरकत का असली सच सामने आया। दरअसल, नानक सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
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पाकिस्तान के बजरंगी भाईजान ने ढूंढ निकाली नानक सिंह की फैमिली
लाहौर की कोट लखपत जेल में 25 भारतीय कैदियों में नानक सिंह भी शामिल है। याचिकाकर्ता ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि इन कैदियों के बारे में दिलबाग सिंह बिट्टू ने जानकारी दी है, जो खुद एक मामले में कोट लखपत जेल में 16 महीनों तक कैद में रहा है।
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नानक सिंह की मदद को आगे आईं सुषमा स्वराज
नानक सिंह के मामले में केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि नानक सिंह के लाहौर की कोट लखपत जेल में होने से पाकिस्तान इनकार कर चुका है। पाकिस्तान यह मानने को तैयार नहीं है कि इस नाम का कोई व्यक्ति जेल में है। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके वह इस मामले में केंद्र सरकार से निर्देश लेकर मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को सूचित करेंगे।
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पाकिस्तानी जेल में कैद नानक सिंह
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता स्वर्ण सिंह के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि सोहल गांव का रहने वाला दिलबाग सिंह बिट्टू को बाघा बॉर्डर के पास पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक ट्रक के जरिये पाकिस्तान में कुछ सामान भेजे जाने के समय गिरफ्तार कर लिया था। उस पर फर्जी केस बनाकर 16 महीनों की सजा सुनाई गई थी। इसी व्यक्ति ने बताया है कि वहां 25 भारतीय कैदी बंद हैं, जिनमें नानक सिंह भी है।
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नानक सिंह की मदद को आगे आईं सुषमा स्वराज
बात 1985 की है। अजनाला सेक्टर में रावी दरिया से सटा स्थित गांव बेदी छन्ना में रहने वाला सात साल का नानक भैंस चराते समय पाकिस्तान की सीमा में चला गया। पाक रेंजर्स ने नानक के साथ-साथ उनकी कई भैंसें जब्त कर ली। भैंसें लौटानी न पड़ें, इसलिए नानक सिंह के बारे में पाक रेंजर्स मुकर गए। बीएसएफ ने पाक रेंजर्स से शिकायत भी की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।