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'जुल्फिकार ने शिक्षक-शिष्य का रिश्ता बदनाम कर बच्चों का भविष्य किया खराब'
Sun, 25 Dec 2016 01:07 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 25 Dec 2016 01:07 AM IST
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जुल्फिकार
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नाबालिग के साथ समलैंगिक रिश्ते बनाना अपराध है। सरकार ने समय-समय पर इसके लिए कई एक्ट भी पारित किए हैं ताकि नाबालिगों के साथ ऐसी गंदी हरकत करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। इस मामले में भी ऐसा ही है। दोषी ने एक नहीं कई बच्चों के साथ कुकर्म किया है और यह कोर्ट में साबित भी हुआ है।
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जुल्फिकार
- फोटो : अमर उजाला
यह नोट नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म मामले में सजा पाने वाले थिएटर एज एनजीओ के संस्थापक और थिएटर आर्टिस्ट जुल्फिकार खान के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस सिद्धू ने अपने फैसले में लिखा है।
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- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने एक थिएटर कलाकार व शिक्षक होने के नाते शिक्षक और शिष्य के बीच के पवित्र रिश्ते को बदनाम किया है। साथ ही उसने अपने पद का दुरुपयोग किया है। इससे कई बच्चों का भविष्य खराब हुआ है। उनके जीवन पर इसका लंबा असर पड़ा है, जो आगे भी जारी रहेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
परिस्थितयों के अनुसार अपराध बच्चों के साथ हुआ है, वह भी बहुत कम उम्र में उसके साथ ऐसा किया गया। यह दोषी की तुच्छ मानसिकता दर्शाता है। यह अपराध प्रकृति के नियमों के खिलाफ है। ऐसे में दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि यह अन्य के लिए उदाहरण बन सके।
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- फोटो : अमर उजाला
हालांकि अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि दोषी जुल्फिकार के एनजीओ ने गरीब बच्चों की भलाई के लिए बहुत कुछ किया है और वह परिवार का इकलौता कमाने वाला शख्स है। उसके खिलाफ पहले कभी ऐसा कोई मामला भी सामने नहीं आया है। इसलिए इस मामले में दोषी थोड़ी नरमी का हकदार है।
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