उम्र 21 साल, छापे 80 लाख के नकली 2000 के नोट, 38 लाख चला दिए
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पंजाब के मोहाली से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। गिरोह के मेंबरों को पुलिस ने लाल बत्ती लगी सफेद रंग की ऑडी कार में जगतपुरा पर लगाए गए स्पेशल नाके से दबोचा है। पुलिस ने उनसे 42 लाख की जाली करेंसी भी बरामद की है। आरोपियों की पहचान 21 साल के अभिनव वर्मा जीरकपुर, 20 साल की विशाखा वर्मा निवासी मकान नंबर 202, सी टाइप-रेलवे फैक्टरी कपूरथला व सुमन नागपाल निवासी गगनदीप कॉलोनी लुधियाना शामिल है।
जानकारी के मुताबिक 21 साल का बीटेक छात्र अभिनव और विशाखा ने नए 2000 के करीब 80 लाख के नोट स्कैन करके छापे। जिसके बाद लोगों से पुराने नोट लेकर बदले में नकली नोट थमा दिए। इस तरह उन्होंने कुल 38 लाख रुपये मार्केट में चला दिए। इस काम के लिए उन्होंने 30% कमीशन भी लिया। मोहाली पुलिस ने अभिनव और उसकी कजिन विशाखा को मोहाली के जगतपुरा में पकड़ लिया। उस समय ये लालबत्ती लगी ऑडी कार में 42 लाख रुपए के जाली नोट लेकर जा रहे थे।
इस पैसे का इस्तेमाल ब्लैकमनी को व्हाइट करने में होना था। लुधियाना निवासी बिचौलिया सुमन नागपाल भी गाड़ी में बैठा था, जो ग्राहक लेकर आ रहा था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इनके ऑफिस से 20 लाख की जाली करंसी सहित, कंप्यूटर, स्कैनर व अन्य सामान भी कब्जे में ले लिया है। इसमें अभी दो ओर लोग शामिल हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। तीनों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर ले लिया गया।
पुलिस को सूचना मिली थी उक्त गिरोह भोले भाले लोगों को फंसाकर पुरानी करेंसी बदलने का कारोबार करते हैं। ये लोग तीस फीसदी कमीशन काटकर नई नकली करेंसी दे देते थे। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जगतपुरा में मंगलवार रात स्पेशल नाका एसएचओ हरसिमरन की अगुवाई में लगाया था। इसी बीच पुलिस ने हरियाणा की वीआईपी नंबर की लाल बत्ती लगी ऑडी कार को रुकने का इशारा किया। जब कार की तलाशी ली गई तो उससे यह रकम बरामद हुई।