42 लाख की जाली करेंसी मामले की अब सारी परतें खुल जाएंगी। दूसरा मास्टरमाइंड भी गिरफ्त में आ गया है, जिसने कई अहम खुलासे किए।
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मोहाली में नकली नोट बनाने वाला गिरोह पकड़ा
मोहाली पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अभिनव वर्मा के ड्राइवर प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 21 दिन बाद खरड़ के पास से दबोचा गया। मंगलवार आरोपी को जिला अदालत में पेश किया गया। इस दौरान अदालत में आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस की तरफ से दलील दी गई कि अब पुलिस को मामले की जांच करनी है।
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मोहाली में नकली नोट छापने वाले गैंग का मास्टरमाइंड अभिनव वर्मा
उसने अब तक की जांच में कबूला है कि उसने 52 लाख रुपये दिल्ली स्थित कनाट प्लेस में किसी जानकार के पास रखे हैं। ऐसे में पुलिस को दिल्ली जाना है। वहीं, जाली नोट बनाने के लिए जिस कागज का प्रयोग हुआ है, उसे भी वहीं से खरीदकर लाया गया था। ऐसे में उससे गहन पूछताछ की जानी है। इसलिए पुलिस को आरोपी के सात दिन के पुलिस रिमांड की जरूरत है।
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2000 के नकली नोट छापने वाले मोहाली के भाई-बहन
अदालत ने पुलिस की दलील को सुनने के बाद आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। जिक्रयोग है कि 30 नवंबर को सोहाना पुलिस ने जगतपुरा टी-प्वाइंट पर स्पेशल नाके के दौरान क्यू सीरीज की वीआईपी नंबर वाली बत्ती लगी ऑडी कार से तलाशी के दौरान 42 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की थी। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें अभिनव वर्मा, विशाखा वर्मा व सुमन नागपाल शामिल थे। जबकि हर्ष और प्रमोद उस समय पकड़ में नहीं आए थे।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
इस दौरान आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह तीस फीसदी कमीशन काटकर हजार व पांच के पुराने नोट बदलते थे। इस दौरान वह उक्त लोगों को जाली नोट देते थे। इसके बाद पुलिस को मुल्लांपुर के दो लोगों ने भी इस संबंधी शिकायत दी थी। फिर पुलिस ने अभिनव के घर दबिश देकर 14 लाख के पुराने नोट बरामद किए थे। अभिनव बीटेक का स्टूडेंट है। वहीं, वह लाइव ब्रेल बनाकर प्रधानमंत्री मोदी से सम्मानित हो चुका है।