16 साल के स्टूडेंट्स हर्षित को Google में 1.44 करोड़ के पैकेज के नाम पर फ्रॉड हुआ है। उसका चयन गूगल में नहीं हुआ है।
चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर - 33 के स्टूडेंट्स हर्षित का चयन गूगल में नहीं हुआ। शिक्षा विभाग की ओर से यह माना गया है। इस मामले को लेकर बुधवार को स्कूल की प्रिंसिपल की पेशी जांच कमेटी के सामने हुई। प्रिंसिपल के अलावा पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट, स्कूल टीचर्स और स्कूल के पीआरओ की पेशी भी होगी। इसमें सभी पक्षों से पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जीएमएसएसएस - 33 की प्रिंसिपल इंदिरा बेनीवाल बुधवार को डीपीआई के सामने पेश होकर पूरे मामले की दी है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि हर्षित के पैरेंट्स को यह पता था कि उसका चयन गूगल में हुआ है। उन्होंने गांव में सरपंच से बेटे को सम्मानित करवाया है। अब वह इस बात से इंकार कर रहे हैं।
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गूगल में नौकरी के नाम पर हर्षित के साथ फ्रॉड!
हर्षित जब स्कूल आया था तो टीचर को उसने गूगल का लेटर दिखाया था। आईटी के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने हर्षित की बात को विभाग केपास भेजी थी। इसमें जो भी फर्जीवाड़ा हुआ है। उसके पैरेंट्स इस बात को जानते हैं। लेकिन अब वह हर्षित के गूगल की चयन की बाद सिरे से खारिज कर रहे हैं। हालांकि अभी हर्षित के पैरेंट्स और उससे बातचीत नहीं हो पाई है।
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गूगल में नौकरी के नाम पर हर्षित के साथ फ्रॉड!
इस मामले को लेकर यूटी के डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन ने बुधवार को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर - 33 की प्रिंसिपल से रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है। अभी मामले की जांच जारी है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर स्कूल एजुुकेशन रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है।