देश के एक बस ड्राइवर के बेटे ने 'चीन की दीवार' तोड़ डाली है। जानकर हैरान हो गए न कि ये संभव हुआ, जानिए इस भारतीय शेर के बारे में सब कुछ।
हम बात कर रहे हैं बॉक्सिंग मुकाबले की। वहीं ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि ओलंपियन बॉक्सर विजेंदर कुमार हैं, जिन्होंने चीनी बॉक्सर जुल्पिकार मियामैतियाली को हराया। विजेंदर की यह नौंवी फाइट थी।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
बॉक्सर विजेंदर कुमार ने देश को ओलपिंक में बॉक्सिंग में पहला पदक जिताया था। 29 अक्टूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्में विजेंद्र के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राईवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
विजेंद्र सिंह ने अपनी शुरुआती पढाई भिवानी से ही पूरी की है। उन्होंने भिवानी के कॉलेज से स्नातक की पढाई की। विजेंद्र सिंह को कॉलेज के दिनों से ही मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक था, वह इसकी प्रैक्टिस भिवानी बॉक्सिंग क्लब में करते थे। उन्होंने कोचिंग का प्रशिक्षण भारतीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्श सिंह संधू से लिया हैं।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
विजेंद्र को छोटे से ही बॉक्सिंग का बहुत शौक था। विजेंद्र और उनके भाई अकसर दोनों आपस में मिलकर बॉक्सिंग किया करते थे। दोनों भाई घर में ही बॉक्सिंग बैग बनाकर उससे बॉक्सिंग किया करते थे। वे बैग में फर्निचर की दुकान से इक्ट्ठा लकड़ी के टुकड़ों को भरकर बॉक्सिंग करते थे। विजेंद्र सिंह ने देश के लिए कई पुरस्कार जीते हैं।