पिछले तीन दिन से हरियाणा के करनाल से लापता इनेलो नेता व नगर निगम के डिप्टी मेयर मनोज वधवा के भाई भारत उर्फ सोनू वधवा का शव आवर्धन नहर से शनिवार को बरामद कर लिया गया।
परिजनों के अनुसार, दिसंबर, 2016 में हुई नोटबंदी के बाद तरावड़ी थाने में अपने पिता पर दर्ज केस को लेकर सोनू काफी तनाव में था। आरोप है कि पुलिस ने उसके पिता की गिरफ्तारी का दबाव बनाया तो वह यह सहन नहीं कर सका और आवर्धन नहर में कूदकर जान दे दी।
गौरतलब है कि डिप्टी मेयर मनोज वधवा का भाई भारत उर्फ सोनू वधवा ही कारोबार संभलता था। अचानक 14 सितंबर को वह घर से लापता हो गया। उसकी गाड़ी पक्के पुल पीर के पास आवर्धन नहर के पास खड़ी मिली। दो दिन से पुलिस के गोताखोर उसको तलाश रहे थे, शनिवार सुबह दस बजे गांव बजीदा के पास शव बरामद किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज ले आई।
यहां पर परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, परिजनों की मांग थी कि पहले डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी सिटी व सीआईए टू के इंचार्ज के खिलाफ केस दर्ज किया जाए, इसके बाद ही वे शव को उठाएंगे। दोपहर 11 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक गहमागहमी रही और पुलिस के खिलाफ समर्थकों ने नारेबाजी भी की। दोपहर बाद डीसी डा. आदित्य दहिया व एसपी जेएस रंधावा के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली परिजनों की बैठक के बाद परिजन शव उठाने को तैयार हुए।
इस दौरान डीसी व एसपी ने आश्वासन दिया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर थाने में डीडीआर दर्ज की जाएगी और 15 दिन में इस पूरे मामले की जांच की जाएगी, अगर कोई पुलिस अधिकारी इसमें दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद परिजनों ने शव उठाया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।