महिलाओं से छेड़छाड़ और अन्य घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हालात रोज बदतर हो रहे हैं। 2 से 3 साल तक की बच्चियां दरिंदों का शिकार हो रहीं हैं लेकिन अब बस!
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Chandigarh's Bekhauf Azadi March
बच्चों को समान हक दो। सबको मिलकर सोच बदलनी होगी। खुद को अच्छा नागरिक बनाना होगा, तभी समाज बदलेगा। अच्छा समाज से ही अच्छा भारत बनेगा और अच्छा समाज बेटियों से है बेटों से नहीं।
- जगदीश दीवान
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जगदीश दीवान जैसे कई लोग शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ की सड़कों पर दिखे। ये सभी हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस की बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना का विरोध कर रहे थे। यह मार्च रोज गार्डन से रात करीब दस बजे शुरू होकर एफेल टावर तक गया। इसकी शुरुआत नारेबाजी के साथ हुई।
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बेटियां आज समाज के हर वर्ग से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। लड़के अगर देर रात तक सड़कों पर घूम सकते हैं तो लड़कियां भी घूम सकती हैं। उनके घूमने पर सवाल क्यूं उठाया जाता है। ऐसे लोगों को बताने का वक्त आ गया है कि महिलाएं कमजोर नहीं हैं।
- डॉ. दीपा
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महिलाओं को रोजाना हर जगह चाहे आफिस हो या घर, बाजार हो या कोई कार्यक्रम हर जगह ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। बस अब बहुत हुआ, ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अब एक आवाज उठी है और इसे हम बुलंद करके रहेंगे।
- शालिनी मालवीय