सीएम योगी का ओएसडी बनकर कर रहे थे वसूली, स्कूल प्रिंसिपल से 70 लाख में की डील, दो गिरफ्तार
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लखनऊ हजरतगंज पुलिस ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। जबकि उनका एक साथी फरार हो गया है। अरोपियों ने मुख्यमंत्री का विशेष कार्य अधिकारी बनकर फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की। मुरादाबाद के एक प्रधानाचार्य को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सदस्य बनाने का झांसा दिया। इसके बदले में 70 लाख रुपये मांगे। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, पुलिस गिरफ्त में आए जालसाजों में गोमतीनगर विकासखंड का अमित अग्रवाल और मऊ के मोहम्दाबाद गोहना निवासी तेज प्रताप सिंह हैं। अमित मूलरूप से बरेली के बजरिया मोती लाल का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी का करोबार करता है। अमित ने मुरादाबाद के प्रधानाचार्य प्रमोद गुप्ता से संपर्क किया। उन्हें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सदस्य बनाने का प्रस्ताव दिया।
दोनों की मुलाकात चंदौसी निवासी मोनू शर्मा ने कराई थी। प्रमोद दोनों के झांसे में आ गए और काम कराने के लिए 15 लाख रुपये देने को भी तैयार हो गया। अमित और मोनू ने इस काम के लिए मऊ निवासी तेज प्रताप सिंह से संपर्क किया। तेज प्रताप ने गोमतीनगर के गन्ना संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया।
उसने मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी से करीबी होने की बात कही और बोर्ड में सदस्य बनाने का दावा किया। गन्ना संस्थान के अधिकारी ने इसके लिए एक करोड़ रुपये की मांग की। जालसाजों के इस गिरोह ने प्रधानाचार्य को किसी तरह 70 लाख रुपये में बोर्ड में शामिल करने के लिए तैयार कर लिया।
सीएम दफ्तर तक पहुंचा मामला तो मचा हड़कंप
किसी के माध्यम से प्रधानाचार्य ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दी। मुख्यमंत्री के ओएसडी के नाम हो रहे फर्जीवाड़े की जानकारी होते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। ओएसडी के कम्प्यूटर सहायक तुषार प्रकाश श्रीवास्तव ने मंगलवार को हजरतगंज थाने में तहरीर दी।
प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने देर रात केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। बुधवार को दोपहर को दो जालसाज अमित और तेज प्रताप सिंह जीपीओ पार्क के पास पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। वहीं गन्ना संस्थान के अधिकारी के भूमिका भी जांच की जा रही है। इस अधिकारी के खिलाफ पिछली सरकार में भी जालसाजी के आरोप लग चुके हैं।