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6 महीने में ही चली गई नौकरी, डिप्रेशन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती ने दी जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 21 May 2018 09:33 AM IST
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- फोटो : डेमो
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राजधानी में अलीगंज सेक्टर-के में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर जिज्ञासा अरोड़ा (23) ने रविवार सुबह खुदकुशी कर ली। उसका शव बाथरूम के शॉवर से लटका देख परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
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सूचना पाकर आई पुलिस ने छानबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवारीजनों का कहना है कि जिज्ञासा पिछले कुछ महीनों से अवसादग्रस्त थी और उसका उपचार भी चल रहा था।
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अलीगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि जिज्ञासा के पिता वरुण अरोड़ा चौक में फोटो कॉपी की दुकान करते हैं। परिवार में मां के अलावा एक छोटी बहन व दादी हैं।
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रविवार सुबह वह बाथरूम गई तो काफी देर तक बाहर नहीं आई। परिवारीजनों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो भीतर का नजारा देखकर परिवारीजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
जिज्ञासा दुपट्टे के सहारे शॉवर से लटकी हुई थी। आनन-फानन उसे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जिज्ञासा की मौत की खबर सुनते ही आसपास के लोग एकत्र हो गए। अलीगंज पुलिस भी मौके पर आ गई।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बीटेक के बाद जिज्ञासा ने गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की थी। हालांकि, छह महीने के प्रोबेशन पीरियड से पहले ही उसे नौकरी से हटा दिया गया।
इसके बाद कॅरिअर के बारे में सोच-सोचकर वह अवसाद में आ गई। परिवारीजन उसका लोहिया अस्पताल और केजीएमयू से उपचार भी करा रहे थे। परिवारीजनों का कहना है कि जिज्ञासा ने अवसाद के चलते ही खुदकुशी की है।
अपने बैच की टॉपर थी वह
जिज्ञासा ने एमिटी विश्वविद्यालय से बीटेक का कोर्स किया था। बीते वर्ष ही उसका कोर्स खत्म हुआ था। कैंपस सेलेक्शन में ही जिज्ञासा को मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई थी। परिवारीजनों ने बताया कि वह अपने बैच की टॉपर स्टूडेंट थी।
जिज्ञासा की मौत से परिवारीजन सदमे में हैं। पिता वरुण अरोड़ा ने कहा कि कॅरिअर को लेकर वह बहुत परेशान रहती थी। नौकरी से हटाए जाने के बाद वह अवसाद की शिकार हो गई। परिवारीजनों को लगता था कि वह कोई गलत कदम उठा सकती है इसलिए उस पर नजर रखते थे। घर पर मां व दादी उसे एक पल के लिए भी अपनी नजरों से ओझल नहीं होने देती थीं। वह बाथरूम भी जाती तो सबका ध्यान उस पर ही लगा रहता था। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग उसे अवसाद से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह शायद हिम्मत हार चुकी थी।
जिज्ञासा की मौत से परिवारीजन सदमे में हैं। पिता वरुण अरोड़ा ने कहा कि कॅरिअर को लेकर वह बहुत परेशान रहती थी। नौकरी से हटाए जाने के बाद वह अवसाद की शिकार हो गई। परिवारीजनों को लगता था कि वह कोई गलत कदम उठा सकती है इसलिए उस पर नजर रखते थे। घर पर मां व दादी उसे एक पल के लिए भी अपनी नजरों से ओझल नहीं होने देती थीं। वह बाथरूम भी जाती तो सबका ध्यान उस पर ही लगा रहता था। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग उसे अवसाद से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह शायद हिम्मत हार चुकी थी।