आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़
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एसटीएफ की आगरा इकाई ने बृहस्पतिवार को आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 2 यूपी के कन्नौज के और 5 बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं।
जबकि दो अन्य फरार हैं। ये गैंग काफी दिनों से सक्रिय था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से 18 फर्जी नियुक्ति पत्र 12.81 लाख रुपये के 6 चेक, फर्जी ऑफर लेटर, 38400 रुपये नगद और बड़ी संख्या में पैन व आधार कार्ड बरामद किया गया है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ ने एसटीएफ को जानकारी दी थी कि कुछ लोग गैंग बनाकर बेरोजगार युवाओं को आईआरसीटीसी का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठग रहे हैं।
सूचना के आधार पर एसपी राजीव नारायण मिश्रा के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक श्यामकांत के नेतृत्व में टीम गठित कर आगरा इकाई के साथ गैंग के पीछे लगाया गया। टीम ने सटीक सूचना मिलने पर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास से गैंग के 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर छोटे शहरों के बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाते थे। वे इन युवकों को बुकिंग क्लर्क, स्पीकर एनाउंसमेंट व कुक जैसे पदों पर भर्ती के लिए आवेदन कराते और उनसे 6 से 7 लाख रुपये ऐंठ लेते थे।
बाद में उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे देते थे, जो देखने में हूबहू आईआरसीटीसी से जारी होने वाले नियुक्ति पत्र जैसा ही होता था। यही नहीं इस पर आईआरसीटीसी मैनेजर आगरा का स्कैन किया हुआ हस्ताक्षर भी होता था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- मनोज कुमार श्रीवास्तव, निवासी ग्राम पटौर थाना सौरिख, कन्नौज
- दिनेश चंद्र, निवासी बहनपुरा नई बस्ती थाना छिबरामऊ, कन्नौज
- कुंजन कुमार, निवासी पीसी कॉलोनी कंकड़ बाग, पटना (बिहार)
- साकेत बिहारी, निवासी पंडोई थाना पारस विद्या जहानाबाद (बिहार)
- प्रिंस कुमार तिवारी, निवासी विष्णुपुर मटियारवां थाना पहाड़पुर, पूर्वी चंपारन (बिहार)
- जितेंद्र, निवासी करमलीचक थाना बाईपास, पटना (बिहार)
- अजय कुमार शाह निवासी चढ़वा थाना रसूलपुर, छपरा (बिहार)