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प्रेमिका की हत्या कर शव घर में दफनाया, छह महीने बाद खुला राज, कातिल बोला- सो नहीं पा रहा था

Wed, 01 May 2019 03:35 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 01 May 2019 03:35 PM IST
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A man killed his girl friend and accepted his crime in front of police.
रामजानकी व पुलिस की गिरफ्त में कातिल। - फोटो : amar ujala

राजधानी लखनऊ के सआदतगंज के रामनगर से छह महीने पहले रहस्यमय हालात में गायब हुई 32 वर्षीय रामजानकी की प्रेमी विजेंद्र उर्फ मोटू ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार यादव ने बताया विजेंद्र ने 27 अक्तूबर 2018 को रामजानकी को मिलने के लिए बुलाया था।

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रामजानकी उसके घर पहुंचीं तो वह शराब के नशे में धुत था। वहां दोनों के बीच झगड़ा हुआ और विजेंद्र ने ईंट से रामजानकी पर हमला कर दिया। सिर पर ईंट लगने से वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इसके बाद विजेंद्र ने कमरे में बिखरा खून साफ किया और घर के पीछे स्थित खाली जगह पर गड्ढा खोदकर उसे गाड़ दिया। पुलिस ने विजेंद्र के घर जाकर उक्त जगह पर खोदाई की जहां रामजानकी का कंकाल मिल गया।
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मां ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी, कई संदिग्धों से हुई थी पूछताछ
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रामजानकी की मां सुमित्रा ने 27 अक्तूबर 2018 को सआदतगंज थाना में उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी। उन्होंने तंत्र-मंत्र करने वाले हरिशचंद्र उर्फ गुड्डू पर बेटी को गायब करने का शक जताया था।
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सुमित्रा का कहना था कि हरिशचंद्र अक्सर बेटी से मिलने उसके घर आता-जाता था। पुलिस ने हरिशचंद्र के साथ ही कई संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चला। आरोपी विजेंद्र को भी पुलिस ने पकड़कर घंटों पूछताछ की थी पर उसने रामजानकी के बारे में जानकारी से इनकार कर दिया।

पति की हो चुकी थी मौत, परिवार में हैं दो बच्चे

A man killed his girl friend and accepted his crime in front of police.

रामजानकी के पति नरेश पासी की मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं। वह छोटे-मोटे काम करके परिवार का पेट पालती थी। रामजानकी के गायब होने के बाद से दोनों बच्चे सुमित्रा के घर पर ही रह रहे थे।

पैर में पड़ी रॉड और हाथ के कड़े से हुई पहचान
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रामजानकी का शव पूरी तरह से कंकाल बन चुका था इसलिए पहचान मुश्किल थी। छह महीने शव मिट्टी में दबा होने के कारण कपड़े भी पहचान में नही आ रहे थे। उसके एक पैर में लोहे की रॉड पड़ी थी। हाथ में एक कड़ा था। पुलिस ने परिजनों को बुलवाया तो उन्होंने कड़ा देखकर पहचान की। पोस्टमार्टम में पैर से लोहे की रॉड निकलने पर शव रामजानकी का होने की पुष्टि हो गई।

‘नींद नहीं आती थी, बेचैन रहता था, कई बार सोचा पुलिस को बता दूं’

A man killed his girl friend and accepted his crime in front of police.
रामजानकी की हत्या के आरोपी विजेंद्र ने बताया कि शुरु में पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो वह बच गया। पुलिस को उसके खिलाफ कोई सुबूत नही मिला। हालांकि, बीते दो महीने से उसका जीवन नर्क हो गया था। उसे नींद नहीं आती थी। हर वक्त रामजानकी आंखों के सामने नजर आ जाती। वह दिनभर बेचैन रहता था। कई बार सोचा कि पुलिस के पास जाकर सबकुछ बता दे। अपना जुर्म कुबूल कर ले। लेकिन हिम्मत नहीं हुई। मंगलवार दोपहर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने खुद ही अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
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