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श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन ने कहा: यात्रा के बारे में एसएएसबी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहा

Mon, 31 May 2021 02:56 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 31 May 2021 02:56 PM IST
सार

श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन ने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और बोर्ड के सीईओ नीतिशवर कुमार से मांग की है कि अमरनाथ यात्रा शुरू करने या फिर रद्द करने की घोषणा करें।

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Shri Amarnath Barfani Langars Organization said Shri Amarnath Shrine Board is not clarifying anything about yatra
बाबा अमरनाथ - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

विस्तार

श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन(एसएबीएलओ) के महासचिव राजन गुप्ता ने बयान जारी कर कहा कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने की तिथि 28 जून घोषित की गई है। लेकिन अभी तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की तरफ से लंगर संस्थाओं को लंगर लगाने संबंधी अनुमति पत्र नहीं भेजा है। यात्रा में लंगर लगाने के लिए संस्थाओं को तमाम तैयारियां करनी होती है, समय कम बचा है, यात्रा शुरू होगी या नहीं इसी बात से संस्थाएं चिंतित हैं, जबकि एसएएसबी की ओर से यात्रा शुरू करने या फिर यात्रा रद्द करने की घोषणा नहीं की जा रही है।

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राजन गुप्ता ने कहा कि ऑर्गेनाइजेशन के अंतर्गत लगभग 100 लंगर संस्थाएं हैं, जो यात्रा के दौरान पहलगाम और बालटाल के रास्ते यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था के साथ रहनसहन और सेहत सुविधा का बंदोबस्त करती है। लंगर तैयार करने के लिए हलवाई के अलावा अन्य स्टाफ की व्यवस्था करनी होती है। ये कार्य यात्रा शुरू होने से डेढ़ माह पूर्व किया जाता है। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों का पंजीकरण तक रुकवा दिया है, लेकिन यात्रा शुरू होगी या नहीं इस संबंधी कोई घोषणा नहीं की है। सभी लंगर संस्थाएं चिंतित हैं कि बोर्ड ने यात्रा शुरू कर दी और लंगर की व्यवस्था करने को कहा गया तो थोड़े समय में तैयारियां करना मुश्किल है।
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गुप्ता ने कहा कि बोर्ड हमेशा अप्रैल माह में लंगर संस्थाओं को अनुमति पत्र भेज देता है, लेकिन इस बार अभी तक कोई पत्र संस्थाओं के पास नहीं पहुंचा है। ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि यात्रा की आरंभ तिथि से लगभग दस दिन पहले आधार शिविरों में पहुंचना आवश्यक है। बहुत सारे काम करने होते हैं, जैसे शेड लगाने के लिए सेवादारों की व्यवस्था, इलेक्ट्रीशियन, जेनसेट मेकेनिक्स, हलवाई, सेवारत कर्मचारी आदि। लंगर तैयार करने को पाउडर दूध, गेहूं का आटा, अनाज जैसी विभिन्न वस्तुओं की खरीद और दालें, चावल, रिफाइंड तेल, सरसों का तेल, डीजल आदि  इन सभी व्यवस्थाओं में बहुत समय लगता है।
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