जगमोहन मल्होत्रा: इस वजह से जम्मू-कश्मीर में आज भी याद किया जाता है पूर्व राज्यपाल का कार्यकाल
पूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा के निधन की खबर मिलते ही जम्मू-कश्मीर में शोक की लहर दौड़ गई। उनके व्यक्तित्व और कार्यकाल को यादकर लोगों की आंखें भर आईं। जानिए पूर्व राज्यपाल के कार्यकाल में हुए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में...
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कहा जाता है कि जम्मू-कश्मीर में अगर कभी विकास की लहर चली तो वह कार्यकाल पूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा का था। जम्मू में बना फ्लाईओवर पूर्व राज्यपाल की ही देन है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड भी उनकी देन है। ऐसे ही कई अन्य विकास प्रोजेक्ट हैं, जो जगमोहन के कार्यकाल में तैयार हुए।
मंगलवार को उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके कार्यकाल में हुए कार्यों को याद कर रहे थे। इस दौरान उनकी आंखें भर आईं। बता दें कि 94 साल के जगमोहन मल्होत्रा कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे जिसके बाद दिल्ली में उन्होंने आखिरी सांस ली।
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निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया
जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'जगमोहन जी का निधन हमारे राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह अनुकरणीय प्रशासक और प्रसिद्ध विद्वान थे। उन्होंने हमेशा भारत की बेहतरी की दिशा में काम किया। बतौर मंत्री अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई नवप्रवर्तक नीतियां बनाईं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।'
प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जगमोहन के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में जगमोहन जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा।
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दो बार संभाला था जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल का पद
जगमोहन जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहने के अलावा केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। वह दिल्ली और गोवा के उपराज्यपाल भी रहे थे। जगमोहन लोकसभा में भी निर्वाचित हुए थे। उन्होंने नगरीय विकास व पर्यटन मंत्री के पद का भी कार्यभार संभाला था।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल का पद दो बार संभाला था। वह 1984 से 1989 तक और फिर 1990 में जनवरी से मई तक इस पद पर रहे थे। कभी सख्त नौकरशाह के तौर पर दिल्ली में पहचान बनाने वाले जगमोहन मल्होत्रा बाद में राजनीति में उतरे। अपनी छवि और कार्यशैली के चलते जगमोहन अटल सरकार में मंत्री भी बने थे।