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जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल प्रमाणपत्र के नियम तय, आवेदन का प्रारूप जारी

Tue, 19 May 2020 03:17 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 19 May 2020 03:17 AM IST
सार

डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया के नियमों की अधिसूचना जारी कर दी गई है। साथ ही आवेदन के लिए प्रारूप भी जारी कर दिया गया है। प्रमाणपत्र के लिए योग्य व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सक्षम प्राधिकारी के पास ऑफलाइन फॉर्म भरकर भी जमा कर सकते हैं।

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jammu and Kashmir notifies amended domicile certificate rules
प्रधान सचिव रोहित कंसल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया के नियमों की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी। डोमिसाइल को मूल निवासी प्रमाण पत्र भी माना जाएगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत अधिकार और जम्मू-कश्मीर नागरिक सेवा अधिनियम, 2010 के नियमों के तहत डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। डोमिसाइल प्रमाणपत्र के आवेदन के लिए प्रारूप भी जारी कर दिया गया है।  

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डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए जो भी व्यक्ति तय शर्तें पूरी करेगा, उसे सक्षम प्राधिकारी प्रमाणपत्र जारी करेगा। जम्मू-कश्मीर में 15 साल तक निवास करने वाले व्यक्ति या फिर सात साल तक पढ़ाई करने वाले को भी प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। प्रदेश में पढ़ाई करने वाले के लिए शर्त यह है कि संबंधित व्यक्ति ने जम्मू-कश्मीर के शिक्षण संस्थानों से दसवीं व बारहवीं की परीक्षा भी दी हो।
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केंद्र सरकार के अधिकारियों के बच्चे, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों व केंद्र सरकार के स्वायत्त संस्थाओं के अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों के बैंक, केंद्रीय विश्वविद्यालयों व पंजीकृत शोध संस्थाओं के अधिकारी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में 10 साल तक नौकरी की हो, उन्हें और उनके बच्चों को भी डोमिसाइल प्रमाणपत्र का पात्र माना जाएगा। 

 

ऑनलाइन भी किया जा सकेगा आवेदन

डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए योग्य व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी के पास ऑनलाइन आवेदन या ऑफलाइन निर्धारित फॉर्म भरकर जमा कर सकता है। नाबालिग या दिव्यांग लोगों के मामले में नियमों के तहत नियुक्त अभिभावक आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश के स्थायी नागरिक प्रमाणपत्र धारक डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन करेंगे। उनके मामले में जिला उपायुक्त अपीलेंट अथॉरिटी रहेगा। स्थायी प्रमाणपत्र धारक व्यक्तियों के बच्चे भी तहसीलदार के समक्ष आवेदन करेंगे। उनके मामले में भी डीसी अपीलेंट अथॉरिटी रहेगा। 

बाहरी लोगों के लिए तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी
पंद्रह साल तक जम्मू-कश्मीर में रहने वालों के लिए जिस इलाके में वह रहते रहे हैं, वहां का तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। सात साल जम्मू कश्मीर में पढ़ाई करने वाले लोगों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। जिला उपायुक्त अपीलेंट अथॉरिटी बनाए गए हैं। 

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विस्थापितों के मामले देखेंगे राहत और पुनर्वास आयुक्त
विस्थापितों के मामले में राहत और पुनर्वास आयुक्त विस्थापित सक्षम प्राधिकारी रहेगा। विस्थापितों के बच्चों के मामले में भी ऐसा ही रहेगा। केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के बच्चों के मामले में अतिरिक्त सचिव या सामान्य प्रशासनिक विभाग का अधिकारी सक्षम प्राधिकारी रहेगा। दस साल तक सेवा करने वाले अधिकारियों के मामले में सक्षम प्राधिकारी मनोनीत होगा। जम्मू-कश्मीर के निवासियों के वह बच्चे जो प्रदेश से बाहर नौकरी या अन्य काम कर रहे हैं, तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।

पंद्रह दिन में मिलेगा डोमिसाइल सर्टिफिकेट, देरी पर 50 हजार होगा जुर्माना

प्रदेश में स्थानीय नागरिक प्रमाण पत्र (पीआरसी) की जगह डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। आवेदन संबंधित तहसीलदार के नाम करना होगा। पंद्रह दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी आवेदन का निपटारा करेंगे। यदि पंद्रह दिन के भीतर निपटारा नहीं होता है तो आवेदक अपीलेट अथॉरिटी जिला मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेंगे।

अपीलेट अथॉरिटी के आदेश पर तहसीलदार को अंतिम सात दिन में प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश होंगे। यदि इसके बाद भी डोमिसाइल जारी नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के वेतन से 50 हजार रुपये काटकर जुर्माना लगाया जाएगा।

आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। सात साल जम्मू-कश्मीर में पढ़ाई करने वाले लोगों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।
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