जब जम्मू पुलिस के ठंड में छुटे पसीने
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मिनी बस के शीशे पर गोली चलने की अफवाह पर पुलिस पूरी रात दौड़ती रही। दर्जनों लोगों से आधी रात को पुलिस ने पूछताछ की। बावजूद इसके कुछ नहीं मिलने पर सुबह फिर से जांच की तो पता चला कि शीशे पर गोली नहीं, बल्कि किसी ने पत्थर मारा था। इससे शीशा टूट गया।
हालांकि यह पता नहीं चल पाया कि पत्थर मारने वाला कौन था। मामला जानीपुर पुलिस स्टेशन अंतर्गत आप शंभू रोड का है। यहां पर खड़ी एक मिनी बस के शीशा टूटने को लेकर पुलिस को रातभर ठंड में पसीना निकालना पड़ा।
हुआ यूं कि यहां खड़ी (जेके02एजे, 6919) मिनी बस में सोए चालक कालाकोट निवासी उपदेश ने एकदम से चिल्लाना शुरू कर दिया। दरअसल, मिनी बस के फ्रंट का शीशा टूट गया था। गैस से भरे रहने वाले शीशे पर किसी ने पत्थर मार दिया। इससे शीशे से ऐसे आवाज आई जैसे किसी ने गोली चला दी।
कंडक्टर बोला किसी ने गोली मारी
शीशे पर टूटने के निशान भी ऐसे बना, जैसे गोली का निशान हो। मिनी बस में सोए कंडक्टर ने सोचा कि किसी ने उसे मारने की कोशिश की। उसकी आवाज सुनकर लोग जमा हो गए और पुलिस तक बात पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस को कंडक्टर ने बताया कि किसी ने गोली मार दी।
चूंकि जानीपुर क्षेत्र में पहले भी आतंकी हमला हो चुका है। इसे देखते हुए पुलिस को लगा कि किसी संदिग्ध या फिर कोई आतंकी वारदात हो सकती है। पुलिस ने हरकत में आते हुए पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। रात करीब 11 बजे शुरू हुआ सर्च आपरेशन सुबह तक चलता रहा।
सुबह होने के बाद पुलिस ने फिर से घटनास्थल की जांच की। जांच में पता चला कि मिनी बस का शीशा पत्थर मारने से टूटा था। इसकी वजह से निशान बन गया।
एसएचओ जानीपुर रनवीर सिंह का कहना है कि सुनने में आ रहा है कि किसी ने शराब पीकर मिनी बस पर पत्थर मार दिया। जिसे कंडक्टर ने गोली समझ लिया। दरअसल, गैस वाला शीशा होने की वजह से इसमें गोली जैसी आवाज आई और गोली जैसा ही निशान बना।