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बोप के पूर्व प्रमुख को नहीं मिली जमानत

Fri, 21 Aug 2015 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 21 Aug 2015 10:35 AM IST
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no bail for former head of Professional Entrance Examination Board
चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस हसनैन मसूदी की खंडपीठ ने बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बोप) के पूर्व प्रमुख मुश्ताक अहमद पीर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज श्रीनगर को निर्देश दिए कि चालान 42-बी (12 जनवरी 2014) के मामले में रोजाना ट्रायल किया जाए। छह माह के अंदर कानून के तहत सुनवाई पूरी की जाए।
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खंडपीठ ने कहा कि यदि अभियोजन या आरोपी रोजाना ट्रायल में सहयोग नहीं करते हैं तो विशेष जज कानून के तहत आवश्यक कार्यवाही कर सकते हैं। विशेष जज को निर्देश दिए गए फरवरी, 2016 तक सुनवाई पूरी करने के बाद रिपोर्ट रजिस्ट्री के पास भेजी जाए।
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केस के अनुसार क्राइम ब्रांच कश्मीर ने आरोपी के खिलाफ 2013 में धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया था। 23 नवंबर, 2013 को याचिकाकर्ता पीर को गिरफ्तार किया गया था।

तब से उसे अंडर ट्रायल कैदी के रूप में जेल में रखा गया है। भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज ने इस मामले में 51 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। इनमें याचिकाकर्ता नंबर एक आरोपी है। याचिकाकर्ता को छोड़ अन्य आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

इससे पहले याचिकाकर्ता ने जब जमानत के लिए अर्जी दी तो सेशन कोर्ट और इस कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। 20 फरवरी को याचिकाकर्ता की ओर से दायर जमानत अर्जी में बीमार होने का हवाला देते हुए कहा गया कि 78 गवाहों में से सिर्फ छह से पूछताछ की गई है।


याचिकाकर्ता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, जबकि जांच में अभी काफी समय लगेगा। विशेष जज ने दो मई 2015 को गंभीर आरोपों को देखते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया था।
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