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जम्मू: बच्चों की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने कहा- पीड़ित परिवारों को तीन-तीन लाख दें वरना...

Sat, 15 May 2021 06:13 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 15 May 2021 06:13 PM IST
सार

आयोग ने कहा कि प्रक्रिया को कितना समय लगेगा, इसे लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है। यह आदेश पर अमल में देरी का मामला है। जिसे लेकर आयोग छह सप्ताह में मुआवजा वितरण का आदेश देता है। ऐसा न होने पर आयोग प्रावधानाें के अनुसार संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश जारी करेगा।

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Case of death of children in Ramnagar of Jammu division Human Rights Commission said give three lakh to families
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जम्मू संभाग के रामनगर में खांसी-जुकाम की घटिया दवा के सेवन से बच्चों की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने पीड़ित परिवाराें को छह सप्ताह में तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देकर अनुपालना रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने कहा कि यदि इस मियाद में जम्मू-कश्मीर मुख्य सचिव मुआवजा वितरण सुनिश्चित नहीं करते हैं तो आयोग सुनवाई के दौरान उनकी व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश जारी करेगा।

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सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजूरिया की याचिका का संज्ञान लेकर आयोग ने कहा कि इस मामले में ड्रग्स कंट्रोल विभाग की लापरवाही साबित हुई है। यदि समय रहते विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता तो बच्चों को जान न गंवानी पड़ती। इससे पूर्व आयोग ने अपने पहले आदेश में भी मुआवजा देने को कहा था, जिसके जवाब में जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से प्रक्रिया विचाराधीन होने की दलील दी गई।
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हाईकोर्ट में खारिज हुई थी आयोग के आदेश पर रोक की याचिका
सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजूरिया के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार ने दर्जनभर बच्चों की मौत मामले में पीड़ितों को मुआवजा देने के बजाय आयोग के आदेश को जम्मू हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर कहा था कि आयोग के आदेश को अदालत खारिज करना मुनासिब नहीं सकती है। इस मामले में यह दलील नहीं स्वीकारी जा सकती है कि घटिया दवा के सेवन से मौत मामले में दवा निर्माता कंपनी ही जिम्मेदार है।
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