{"_id":"659ef5818cfb1df1320cabf9","slug":"mata-vaishno-devi-udhampur-news-c-309-1-sjam1002-553-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: मकर संक्रांति के बाद प्राचीन गुफा से हो सकेंगे मां के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: मकर संक्रांति के बाद प्राचीन गुफा से हो सकेंगे मां के दर्शन
Thu, 11 Jan 2024 01:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 11 Jan 2024 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाहरी राज्यों से मां वैष्णो देवी आए श्रद्धालु धूप का आनंद लेने के बाद शुरू कर रहे चढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा । धर्मनगरी में इन दिनों हर दिन धूप निकल रही है। मगर राज्य के अन्य हिस्सों सहित बाहरी राज्यों में इन दिनों भारी धुंध छाई हुई है। लोगों को सूरज भगवान के दर्शन करना मुश्किल हो चुका है। इस कारण मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु भारी ठंड की वजह से निराश हैं। मगर मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आएं तो धर्मनगरी में धूप खिली देख उनके चेहरे पर खुशी की झलक साफ देखने को मिल रही है।
सुबह ही होटलों के कमरों से बाहर निकल कर मुख्य बस स्टैंड पर धूप का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसके बाद अपनी चढ़ाई शुरू करते हैं। अगर इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या को देखें तो 20 हजार के करीब श्रद्धालु ही मां के दरबार हर दिन हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। लाेहड़ी पर्व पर अक्सर श्रद्धालुओं की कमी रहती है। आने वाले दिनों में लोहड़ी के बाद मकर संक्रांति के दिन प्राचीन गुफा के कपाट भी पूजा पाठ करने के बाद खोले जाते हैं। अगर मकर संक्रांति के बाद कभी भी श्रद्धालु की संख्या 10 से 12 हजार रहती है तो प्राचीन गुफा से उन्हें दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। प्राचीन गुफा से मां के चरणों में हाजिरी लगा सकते हैं। नही तो पूजा अर्चना कर गुफा के कपाट बंद कर दिए जाते हैं ।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा । धर्मनगरी में इन दिनों हर दिन धूप निकल रही है। मगर राज्य के अन्य हिस्सों सहित बाहरी राज्यों में इन दिनों भारी धुंध छाई हुई है। लोगों को सूरज भगवान के दर्शन करना मुश्किल हो चुका है। इस कारण मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु भारी ठंड की वजह से निराश हैं। मगर मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आएं तो धर्मनगरी में धूप खिली देख उनके चेहरे पर खुशी की झलक साफ देखने को मिल रही है।
सुबह ही होटलों के कमरों से बाहर निकल कर मुख्य बस स्टैंड पर धूप का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसके बाद अपनी चढ़ाई शुरू करते हैं। अगर इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या को देखें तो 20 हजार के करीब श्रद्धालु ही मां के दरबार हर दिन हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। लाेहड़ी पर्व पर अक्सर श्रद्धालुओं की कमी रहती है। आने वाले दिनों में लोहड़ी के बाद मकर संक्रांति के दिन प्राचीन गुफा के कपाट भी पूजा पाठ करने के बाद खोले जाते हैं। अगर मकर संक्रांति के बाद कभी भी श्रद्धालु की संख्या 10 से 12 हजार रहती है तो प्राचीन गुफा से उन्हें दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। प्राचीन गुफा से मां के चरणों में हाजिरी लगा सकते हैं। नही तो पूजा अर्चना कर गुफा के कपाट बंद कर दिए जाते हैं ।
विज्ञापन