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कश्मीरियों पर हो रहे हमलों के खिलाफ करें कार्रवाई : जेकेएसए
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- स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने गृहमंत्री को पत्र लिखकर उठाई मांग, कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले के मामले में हस्तक्षेप का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उत्तराखंड में कश्मीरी शाल विक्रेताओं पर बर्बर हमले को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र 18 वर्षीय कश्मीरी युवक पर देहरादून में हुए बर्बर हमले के बाद लिखा गया है। गृहमंत्री से कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पत्र में एसोसिएशन ने इस हमले को उत्तर भारत के कई राज्यों में कश्मीरी व्यापारियों, शाल विक्रेताओं, मजदूरों और छात्रों के खिलाफ पहचान आधारित उत्पीड़न और हिंसा का परेशान करने वाला और लगातार जारी पैटर्न बताया। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में अपने परिवार के पालन पोषण करने के लिए कई कश्मीरी युवक रोजी रोटी कमाने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाते हैं। देहरादून में युवक से पहले उसकी पहचान और मूल स्थान के बारे में पूछताछ की गई। उसके बाद यह जानने पर कि वह मुस्लिम समुदाय से है और कश्मीर का रहने वाला है स्थिति कथित तौर पर गंभीर हिंसा में बदल गई। उन्होंने कहा कि युवक को लोहे की छड़ों से बेरहमी से पीटा गया जिसके परिणामस्वरूप उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सिर में गंभीर चोटें आईं जिसके लिए 13 टांके लगाने पड़े।
एसोसिएशन ने हमले को केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं बल्कि एक गंभीर घटना करार दिया। एसोसिएशन ने कहा कि यह घटना भारत के संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और आंतरिक एकजुटता के मूल पर प्रहार करती है।
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ये घटनाएं एक शत्रुतापूर्ण माहौल का संकेत देती हैं जिसमें कश्मीरियों को उनकी पहचान के कारण तेजी से प्रोफाइल किया जा रहा है, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें असुरक्षित महसूस कराया जा रहा है। इससे कई कश्मीरी छात्र और व्यापारी वर्तमान में लगातार भय और गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट में जी रहे हैं। कई लोगों को उन राज्यों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है जहां वे पढ़ रहे थे या अपनी आजीविका कमा रहे थे। एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया है कि हिंसा, धमकी और सांप्रदायिक नफरत को किसी भी परिस्थिति में सामान्य बनने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उत्तराखंड में कश्मीरी शाल विक्रेताओं पर बर्बर हमले को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र 18 वर्षीय कश्मीरी युवक पर देहरादून में हुए बर्बर हमले के बाद लिखा गया है। गृहमंत्री से कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पत्र में एसोसिएशन ने इस हमले को उत्तर भारत के कई राज्यों में कश्मीरी व्यापारियों, शाल विक्रेताओं, मजदूरों और छात्रों के खिलाफ पहचान आधारित उत्पीड़न और हिंसा का परेशान करने वाला और लगातार जारी पैटर्न बताया। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में अपने परिवार के पालन पोषण करने के लिए कई कश्मीरी युवक रोजी रोटी कमाने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाते हैं। देहरादून में युवक से पहले उसकी पहचान और मूल स्थान के बारे में पूछताछ की गई। उसके बाद यह जानने पर कि वह मुस्लिम समुदाय से है और कश्मीर का रहने वाला है स्थिति कथित तौर पर गंभीर हिंसा में बदल गई। उन्होंने कहा कि युवक को लोहे की छड़ों से बेरहमी से पीटा गया जिसके परिणामस्वरूप उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सिर में गंभीर चोटें आईं जिसके लिए 13 टांके लगाने पड़े।
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एसोसिएशन ने हमले को केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं बल्कि एक गंभीर घटना करार दिया। एसोसिएशन ने कहा कि यह घटना भारत के संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और आंतरिक एकजुटता के मूल पर प्रहार करती है।
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ये घटनाएं एक शत्रुतापूर्ण माहौल का संकेत देती हैं जिसमें कश्मीरियों को उनकी पहचान के कारण तेजी से प्रोफाइल किया जा रहा है, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें असुरक्षित महसूस कराया जा रहा है। इससे कई कश्मीरी छात्र और व्यापारी वर्तमान में लगातार भय और गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट में जी रहे हैं। कई लोगों को उन राज्यों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है जहां वे पढ़ रहे थे या अपनी आजीविका कमा रहे थे। एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया है कि हिंसा, धमकी और सांप्रदायिक नफरत को किसी भी परिस्थिति में सामान्य बनने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।