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कश्मीर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: 'कश्मीर अब किताबों की बात कर रहा, बंदूकों की नहीं', लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय

Sun, 31 May 2026 08:52 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 31 May 2026 08:52 PM IST
सार

श्रीनगर में आयोजित कश्मीर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के समापन पर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने कहा कि कश्मीर अब बंदूकों की नहीं, बल्कि किताबों और भविष्य की बात कर रहा है।

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Conclusion of the Kashmir Literature Festival 2026
एसकेआईसीसी में कश्मीर लिटरेचर फेस्टिवल के समापन के दौरान कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कश्मीर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के तीसरे संस्करण का एसकेआईसीसी में रविवार को रंगारंग समापन हुआ। दूसरे दिन फेस्टिवल में साहित्यकारों ने अपने विचार रखे। अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने कहा कि कश्मीर बंदूकों की जगह अब किताबों और भविष्य पर बात कर रहा है।

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एसकेआईसीसी परिसर में पुस्तकों के स्टॉल भी लगाए गए थे। कश्मीर लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे सेना के पूर्वी चिनार कोर के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने घाटी में आ रहे सकारात्मक बदलावों पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जो सफर दो साल पहले शुरू हुआ था, वह आज एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।लेफ्टिनेंट जनरल पांडेय ने कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ और हाउसफुल हॉल्स का जिक्र करते हुए कहा, पहले इस तरह के आयोजनों के लिए लोगों से आने का अनुरोध करना पड़ता था, लेकिन इस बार रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हुए हैं। हॉल पूरी तरह भरे हुए हैं। यह इस बात का सबूत है कि कश्मीर का जुड़ाव अब इस लिटरेचर फेस्टिवल के साथ गहराई से हो चुका है।
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कश्मीर हमेशा से शांति, सभ्यता और बौद्धिकता का केंद्र रहा है। अब घाटी के लोगों का रुझान वापस अपनी पुरानी सभ्यता और ज्ञान की ओर बढ़ रहा है जो बेहद सुखद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कश्मीर के युवा बंदूकों के बजाय पढ़ाई-लिखाई, किताबों और अपने सुनहरे भविष्य पर चर्चा करेंगे।अपनी किताबों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले साल उनकी पुस्तक रिफ्लेक्शन ऑन स्ट्रैटेजी प्रकाशित हुई थी। इसके अलावा उनकी एक नई किताब भी जल्द आने वाली है जो पब्लिशर के पास है। यह किताब कारगिल युद्ध के दौरान कश्मीर में उनके पोस्टिंग के अनुभवों पर आधारित है। लेफ्टिनेंट जनरल पांडेय अब तक विभिन्न विषयों पर 40 से 50 रिसर्च पेपर और आर्टिकल्स भी लिख चुके हैं।
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उन्होंने कर्नल अजय रैना द्वारा उन पर लिखी गई जीवनीसोल्जरिंग विद पैशन का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह किताब विशेषकर कश्मीरी युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित होगी, क्योंकि इसमें कश्मीर के बारे में कई महत्वपूर्ण अनुभवों को साझा किया गया है।

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