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डीएसपी दविंदर सिंह मामले में एनआईए की जांच शुरू, चल सकता है देशद्रोह का मुकदमा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को आतंकवादी मानकर उसके मामले की की जांच करेगी। गृह मंत्रालय के औपचारिक आदेश के बाद एनआईए ने शनिवार को दविंदर के मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है।

18 जनवरी 2020

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राजौरी

रविवार, 19 जनवरी 2020

नौशेरा के खेड़ी दब्बड़ में तीन आतंकियों का कोई सुराग नहीं

राजोरी। जिले के नौशेरा सब डिवजिन के खेड़ी दब्बड़ क्षेत्र में छिपे तीन आतंकवादियों के ग्रुप का सेना को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि सेना ने गांवों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार आतंकवादियों की तलाश में सेना ने कई दिनों से खेड़ी दब्बड़ गांवों के आसपास घेराबंदी की हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना तब तक उन आतंकवादियों की तलाश करती रहेगी जब तक उन्हें ढेर नहीं कर देती। सैन्य सूत्रों के अनुुसार सेना गांवों में जंगलों के चप्पे चप्पे को खंगाल रही है और वहां आने जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर बनाए हुए है।
बता दें कि नौशेरे एलओसी के दब्बड़ गांव में सेना की वर्दी में 3 आतंकवादी एक बकरवाल परिवार के घर पहुंचे थे और परिवार से सेना के ठिकानों व मुगल रोड के बारे में ले रहे थे। बकरवाल परिवार के एक सदस्य ने सेना को इसकी सूचना दी थी व सेना ने घेराबंदी कर उन आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी थी। वहीं तलाशी अभियान के दौरान सेना के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद भी हुए थे। उसके बाद सेना ने उन 3 आतंकवादियों से अपने जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए गहन सर्च ऑपरेशन छेड़ा था, लेकिन अभी तक सेना को उसमें सफलता नहीं मिली है।
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डीएसपी दविंदर के जैश और हिज्ब आतंकियों से कनेक्शन पर कश्मीर में कई ठिकानों पर छापेमारी, मिले अहम सबूत

नए जम्मू-कश्मीर में अब नया इतिहास-भूगोल पढ़ेंगे स्कूली बच्चे, किताबों में किया गया ये बड़ा बदलाव

अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चे भी अब नया इतिहास और भूगोल पढ़ेंगे। निजाम बदलने के बाद अब यहां का स्कूली पाठ्यक्रम भी बदला जा रहा है। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षिक सत्र से छठी से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव करने का फैसला लिया है।

इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र विषयों के पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर बदलाव किया जा रहा है। बदले पाठ्यक्रम की किताबें भी छपना शुरू हो गई हैं। नए पाठ्यक्रम में बदले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़ी कई नई जानकारियां शामिल की गई हैं।

सामाजिक अध्ययन (सोशल स्टडीज) के तहत इतिहास, नागरिक शास्त्र (सिविक्स) और भूगोल (ज्योग्राफी) विषयों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर शामिल किया है। शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को मुख्य रूप से शामिल किया है। 7वीं से 10वीं कक्षा की नागरिक शास्त्र की पुस्तक में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश का नया मानचित्र भी दिया गया है।

बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि छठी से 10वीं तक की किताबों में बदलाव किया गया है। पाठ्यपुस्तकों में ज्यादातर पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार है। नया पाठ्यक्रम 2020 में शुरू होने वाले नए सत्र से पढ़ाया जाएगा। फरवरी-मार्च 2021 में समर जोन के स्कूलों की परीक्षाओं में नए पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। 
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डीएसपी दविंदर सिंह मामले में एनआईए की जांच शुरू, चल सकता है देशद्रोह का मुकदमा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को आतंकवादी मानकर उसके मामले की की जांच करेगी। गृह मंत्रालय के औपचारिक आदेश के बाद एनआईए ने शनिवार को दविंदर के मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। उसके खिलाफ दायर ताजा एफआईआर में गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए के मुताबिक, जांच में ठोस सुबूत मिले तो उसके खिलाफ देशद्रोह की भी धारा लगेगी। पूछताछ के लिए उसे जल्द ही दिल्ली लाया जाएगा।

दविंदर को पिछले हफ्ते दक्षिण कश्मीर में दो हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों नवीद बाबू और आतिफ के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में तलाशी में दविंदर के घर से एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे खतरनाक हथियार भी बरामद किए गए। शुरुआती पूछताछ में दविंदर ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को बताया कि वह आतंकियों के  साथ एक खुफिया ऑपरेशन में शामिल था लेकिन पुलिस का दावा है कि उसके इस बयान का कोई सुबूत नहीं मिला। किसी भी खुफिया एजेंसी के अधिकारी ने दविंदर के इस दावे का समर्थन नहीं किया। आईबी, रॉ और मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) दविंदर से सघन पूछताछ कर चुकी हैं।

एनआईए के मुताबिक, जांच में मिलने वाले सुबूतों और सुराग के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले में भी दविंदर की भूमिका की जांच की जा सकती है। संसद हमले के दोषी अफजल गुरु ने मुकदमे के दौरान अपने वकील को बताया था कि दविंदर ने उस पर जबरदस्त दबाव बनाकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी को दिल्ली लाने पर मजबूर किया था। यही आतंकी संसद पर हमला करने वाले हमलावरों में से एक था और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया था। अब तक की जांच में मिले तथ्यों के मुताबिक दविंदर खुफिया एजेंसी के लिए काम करता था लेकिन पैसे कमाने के लालच में लंबे समय से आतंकवादियों की मदद कर रहा था।
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह

अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में कोई मारा नहीं गया: अल्ताफ बुखारी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पीडीपी नेता अल्ताफ बुखारी ने शनिवार को कहा, अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक जम्मू कश्मीर में एक भी व्यक्ति नहीं मारा गया है। इसका श्रेय केंद्र सरकार और घाटी के लोगों को जाता है।



भाजपा पीडीपी गठबंधन वाली सरकार में जम्मू कश्मीर के वित्त मंत्री रहे बुखारी ने कहा, घाटी के शांत माहौल के लिए केंद्र सरकार और यहां की आवाम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। सरकार की कोशिशों और लोगों की सूझबूझ का नतीजा है कि घाटी में 5 अगस्त के बाद से हिंसा में किसी की जान नहीं गई। 

बुखारी ने साथ ही कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद पर निशाना साधा। आजाद को चुनौती दी कि उनके ऊपर लगाए आरोपों को सिद्ध करें नहीं तो राज्यसभा सांसद का पद तत्काल छोड़ दें। आजाद ने बुखारी पर सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। ... और पढ़ें

जनविश्वास जीतने जम्मू-कश्मीर पहुंची मोदी सरकार,मंत्री बोले प्रदेश बनेगा विकास मॉडल

अनूठे प्रयास के तहत जनता का विश्वास जीतने के लिए मोदी सरकार शनिवार को जम्मू कश्मीर पहुंची। 24 जनवरी तक मोदी सरकार के 40 मंत्री प्रदेश के कई शहरों और गांवों में घूमकर सभाएं करेंगे। वह 31 अक्तूबर 2019 के बाद प्रदेश में विकास की दिशा में हुए कार्य गिनाएंगे। 

जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सांसद जुगल किशोर शर्मा व राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह मन्हास की मौजूदगी में सरपंचों, पंचों व काउंसलरों के अलावा लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन हित में हुए कार्यों को गिनाकर लोगों का विश्वास जीतने की बात कही है। 

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर में लखनपुर टोल पोस्ट खत्म हो गई। पहले कोई व्यक्ति इसकी कल्पना तक नहीं कर सकता था। सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ गया। गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम संशोधित हो गया। 800 केंद्रीय कानूनों को प्रदेश में लागू करने का रास्ता साफ हो गया। आरटीआई, केंद्रीय भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम भी प्रदेश में लागू होगा। विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन भी होगा। औद्योगिक विकास तेजी से होगा। अप्रैल 2020 में इंडस्ट्री समिट होगी। 

पंचायतों, बीडीसी को अधिकार दिए गए है। 73वां व 74वां संशोधन भी लागू होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र से कोई भेदभाव नहीं होगा। कई सालों से लटके पड़े बिजली प्रोजेक्ट 850 मेगावाट क्षमता का रटले प्रोजेक्ट, 1000 मेगावाट का पकलडुल प्रोजेक्ट और 624 मेगावाट का कीरू प्रोजेक्ट शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। 
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जम्मू-कश्मीर: एसएमजीएस अस्पताल में दो माह में 122 बच्चों की मौत

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
जम्मू-कश्मीर में उधमपुर जिले के रामनगर ब्लॉक में दस बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य महकमे के जमीनी हालात उजागर कर दिए हैं। संदिग्ध बीमारी से मौतों के सिलसिले से इतर भी सरकारी अस्पतालों में रोजाना कई बच्चाें की मौत हो रही है। प्रदेश के सबसे बड़े श्री महाराजा गुलाब सिंह जच्चा बच्चा अस्पताल (एसएमजीएस) में दो माह में 122 बच्चों की जान गई है। इनमें से ज्यादातर दूसरे अस्पतालों से रेफर किए गए थे। 

एसएमजीएस अस्पताल में रोजाना औसतन दो बच्चों की मौत हो रही है। प्रदेश के अन्य अस्पतालों में बच्चों की मौत के मामले अलग हैं। जम्मू संभाग के दस जिलों से रेफर होकर एसएमजीएस अस्पताल में बीमार बच्चों की भीड़ पहुंच रही है। इनमें दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों से अधिकतर बीमार बच्चों की हालत गंभीर होती है। 

अस्पताल के पेडियाट्रिक यूनिट में नवंबर-दिसंबर माह में 122 बच्चे दम तोड़ चुके हैं। यह हाल तब है जब एसएमजीएस अस्पताल में पेडियाट्रिक सेक्शन के साथ थैलेसीमिया, कैंसर, हीमोफीलिया, न्यूट्रिशियन पुनर्वास आदि केंद्र काम कर रहे हैं। इसके अलावा आठ वार्डों में बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में मौसम साफ, तापमान में सुधार, 21-22 को फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज

19 जनवरी 1990: कश्मीरी पंडितों के पलायन के 30 साल, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा 'हम वापस आएंगे'

घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए 19 जनवरी प्रलय का दिन माना जाता है, क्योंकि वर्ष 1990 में हालात बिगड़ने के कारण इसी तारीख में कश्मीरी पंडित समुदाय ने कश्मीर घाटी से पलायन करना शुरू कर दिया था।

मई 1990 तक करीब पांच लाख कश्मीरी पंडित जान बचाने के लिए अपनी मातृभूमि को छोड़ कश्मीर से पलायन कर चुके थे, जो स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे बड़ा पलायन माना जाता है। इसी के चलते हर वर्ष 19 जनवरी को जहां कहीं भी कश्मीरी पंडित रहते हैं, वहां वह इस तारीख को ‘होलोकॉस्ट/एक्सोडस डे’ (प्रलय/बड़ी संख्या में पलायन की तारीख) के तौर पर मनाते हैं।

इस तारीख को कल यानी कि रविवार को 30 साल पूरे हो जाएंगे। वहीं इस घटना को लेकर आज ट्विटर ट्रेंड चर्चा में है। ट्विटर पर हम वापस आएंगे और कश्मीर पंडित ट्रेंड कर रहा है। इस तारीख को जो भी कश्मीरी पंडित याद करता है, उसे वह यादें सिहरा कर रख देती हैं। उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकलते हैं कि ऐसा दिन किसी की भी जिंदगी में कभी भी न आए।
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जम्मू-कश्मीर: पाबंदियों में और ढील, प्रीपेड सिमकार्ड पर कॉल और एसएमएस सुविधा बहाल

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूरे प्रदेश में बंद प्रीपेड मोबाइल सेवा पांच महीने बाद बहाल कर दी गई है। इस पर एसएमएस सुविधा भी मिलेगी। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों तथा कश्मीर संभाग के दो जिलों कुपवाड़ा व बांदीपोरा में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई है।

मोबाइल इंटरनेट का लाभ केवल पोस्टपेड मोबाइल उपभोक्ता ही उठा सकेंगे। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि 153 वेबसाइट की सूची (व्हाइट लिस्ट) जारी की गई है, जिनका उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे। सभी मोबाइल कंपनियों को जरूरी हिदायत दे दी गई है।  

कश्मीर में गत 14 अक्तूबर को पोस्टपेड सेवा बहाल की गई थी लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रीपेड सेवा को बंद रखा गया था। सुरक्षा कारणों से कश्मीर के आठ जिलों में श्रीनगर, बड़गाम, गांदरबल, बारामूला, अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।

लोगों को संचार सेवाओं का फायदा देने के लिए जो कंपनियां सॉफ्टवेर या आईटी में काम करती हैं, उन्हें फिक्सड लाइन इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रीपेड मोबाइल सिम पर इंटरनेट का फायदा लेने के लिए कंपनियों को पोस्टपेड सेवाओं की तर्ज पर वेरीफिकेशन करना होगा। इससे लगभग 35 लाख प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। 

 

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जम्मू कश्मीरः पाकिस्तान की नापाक हरकतें जारी, पुंछ के मेंढर सेक्टर में किया संघर्षविराम का उल्लंघन

जम्मू कश्मीर में पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी की। वहीं मेंढर सेक्टर के साथ ही पाकिस्तानी सेना ने राजोरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भी संघर्षविराम का उल्लंघन कर गोलाबारी करनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों का भारतीय सेना माकूल जवाब दे रही है।

इससे पहले बुधवार देर रात राजोरी के मंजाकोट सब डिविजन के तरकुंडी इलाके में पाकिस्तानी सेना की मदद से आतंकवादियों के एक ग्रुप ने घुसपैठ का प्रयास किया था। आधी रात को जवानों ने तरकुंडी में एलओसी के उस पार हलचल देखी।

सेना के जवानों ने देखा कि करीब 6 से 8 आतंकवादियों का एक ग्रुप भारतीय क्षेत्र में घुसने के लिए एलओसी के पास आ रहा है। सेना ने बिना समय गंवाए उन पर गोलाबारी शुरू कर दी व उन्हें वापिस जाने के लिए मजबूर कर दिया।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने भी गोलाबारी कर आतंकवादियों के ग्रुप को कवर करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय सेना की गोलाबारी के आगे वह नहीं टिक सके व वापिस भाग निकले। वहीं गुरुवार को सेना ने उक्त क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया व यह सुनिश्चत कर दिया कि आतंकवादी कहीं से भी घुसने में सफल नहीं हुए हैं।
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पीएम मोदी के मंत्रियों का जम्मू-कश्मीर दौरा, खराब मौसम की वजह से नहीं उतर सका विमान

केंद्र सरकार के 36 मंत्री आज यानी कि शनिवार को जम्मू-कश्मीर के शहरों व गांवों का दौरा करने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं खराब मौसम के कारण तीन केंद्रीय मंत्रियों की फ्लाइट जम्मू में नहीं उतर सकी। इस वजह से उन्हें श्रीनगर उतरना पड़ा। इन मंत्रियों में डॉ जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हैं।

सभी मंत्री जनता से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। इस दौरान वे उनकी समस्याओं से भी रूबरू होंगे। अनुच्छेद 370 खत्म होने व जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद मोदी सरकार की यह पहली पहल है।

सरकारी स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण के निर्देश जारी करेंगे। कश्मीर में श्रीनगर, बारामुला और सोपोर में मंत्रियों के कार्यक्रम होंगे। दौरे का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाना और पीएम विकास पैकेज के कार्यों को गति देना है। मंत्रियों के दौरे से एक दिन पहले एलजी जीसी मुर्मू ने शहर के विभिन्न विकास प्रोजेक्टों का मौका मुआयना कर उनकी प्रगति की समीक्षा की।
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