काले कपड़े, भारी बैग और हाथों में हथियार: ग्रामीण को उठाकर जंगल ले गए आतंकी, बनाया गाइड, तीन घंटे बाद छोड़ा
राजोरी के सुंदरबनी में तीन संदिग्ध आतंकियों ने ग्रामीण अनिल सूदन को गनपॉइंट पर अगवा कर करीब तीन घंटे तक जंगल में गाइड के तौर पर इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया।
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राजोरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर के अपर लार्डिया इलाके में शनिवार देर रात तीन संदिग्ध आतंकियों ने अनिल सूदन नामक एक ग्रामीण को उसके घर के पास से गनपॉइंट पर अगवा कर लिया। इलाके की भौगोलिक स्थिति से अनजान इन आतंकियों ने ग्रामीण का इस्तेमाल दुआ खड्ड जंगल तक पहुंचने के लिए गाइड के तौर पर किया। करीब तीन घंटे तक साथ रखने के बाद तड़के करीब 3:15 बजे आतंकियों ने उसे छोड़ दिया। वहां से वापस लौटकर अनिल ने तुरंत पुलिस को इस पूरी घटना की सूचना दी। घटना की जानकारी सामने आते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और सेना की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची और दुआ खड्ड के जंगलों की घेराबंदी कर आनन-फानन में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि रविवार देर शाम तक इन संदिग्धों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है और न ही उनसे कोई संपर्क हो सका है। दुआ खड्ड इलाके में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान के बीच सुंदरबनी क्षेत्र के ही मंडुगाला ढोक जंगल क्षेत्र में भी संदिग्ध देखे गए। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को स्थानीय लोगों ने इलाके में काले कपड़े पहने दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा है। इन संदिग्धों की पीठ पर भारी बैग और हाथों में हथियार हैं। सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों ने मंडुगाला ढोक के पूरे जंगली इलाके को भी चारों तरफ से घेर लिया है।
गांवों में दहशत, चप्पे-चप्पे पर पहरा
राजोरी-पुंछ के पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकियों द्वारा ग्रामीण के अपहरण और जबरन गाइड बनाने की घटना से लोगों में खाैफ है। घटना से सुंदरबनी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रात की घटना के बाद से डरे और सहमे नजर आ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं।
उधमपुर के रामनगर क्षेत्र में भी दिखे संदिग्ध
उधमपुर के चिगली केया गांव में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि और संभावित आतंकियों की मौजूदगी से संबंधित इनपुट मिला था। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र की घेराबंदी की। इसके बाद जवानों ने संभावित ठिकानों, जंगल के दुर्गम हिस्सों और आवाजाही के संभावित रास्तों को खंगालना शुरू किया। बता दें कि 17 सितंबर को उधमपुर के मजालता इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे, जबकि एक आतंकवादी घायल होने के बावजूद भागने में सफल रहा था।