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Rajouri News: कोयला खदान कर्मियों ने कालाकोट में प्रदर्शन कर पेंशन भुगतान की मांग उठाई
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जेएंडके मिनरल्स पर सेवानिवृत्त कर्मियों का है लाखों का बकाया भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जेएंडके मिनरल्स की कोयला खदानों से सेवानिवृत्त स्थायी कर्मचारियों, श्रमिकों तथा सेवानिवृत्त कैजुअल डेलीवेज वर्करों ने लंबे समय से लंबित पेंशन, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड और अन्य वैधानिक देयों के निपटारे की मांग को लेकर वीरवार को कालाकोट मे जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनके जायज सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने की मांग की।
मेहतका, मोगला और कालाकोट कोयला खदान क्षेत्रों से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से कोल माइन प्रोविडेंट फंड (सीएमपीएफ), पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ लंबित होने के कारण कई सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग लंबित कोल माइंस प्रोविडेंट फंड, पेंशन लाभ तथा अन्य सेवानिवृत्ति देयों का तत्काल भुगतान करने की है। इसके साथ ही मृत खदान कर्मियों के कानूनी वारिसों और विधवाओं के लंबित मामलों का भी जल्द निपटारा करने की मांग की गई है।
सेवानिवृत्त कर्मियों ने पात्र कैजुअल डेलीवेजर और स्थायी श्रमिकों को समान सीएमपीएफ लाभ एवं पेंशन संबंधी लाभ देने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि कैजुअल श्रमिकों ने वर्षों तक खदानों में सेवाएं देने के बावजूद कई मामलों में सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित रहना पड़ा है। उनका कहना है कि करीब चार वर्ष पहले सीएमपीएफ कार्यालय को जम्मू से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके कारण बुजुर्ग पेंशनरों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवाओं को अपने मामलों के निपटारे के लिए दिल्ली जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने मांग की कि जम्मू में सीएमपीएफ का क्षेत्रीय कार्यालय पुनः खोला जाए, ताकि जम्मू-कश्मीर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने मामलों के लिए दूर-दराज की यात्रा न करनी पड़े। प्रदर्शनकारियों ने पात्र सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए छठे और सातवें वेतन आयोग के लंबित एरियर जारी करने तथा संशोधित वेतनमान का लाभ देने की भी मांग की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जेएंडके मिनरल्स की कोयला खदानों से सेवानिवृत्त स्थायी कर्मचारियों, श्रमिकों तथा सेवानिवृत्त कैजुअल डेलीवेज वर्करों ने लंबे समय से लंबित पेंशन, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड और अन्य वैधानिक देयों के निपटारे की मांग को लेकर वीरवार को कालाकोट मे जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनके जायज सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने की मांग की।
मेहतका, मोगला और कालाकोट कोयला खदान क्षेत्रों से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से कोल माइन प्रोविडेंट फंड (सीएमपीएफ), पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ लंबित होने के कारण कई सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग लंबित कोल माइंस प्रोविडेंट फंड, पेंशन लाभ तथा अन्य सेवानिवृत्ति देयों का तत्काल भुगतान करने की है। इसके साथ ही मृत खदान कर्मियों के कानूनी वारिसों और विधवाओं के लंबित मामलों का भी जल्द निपटारा करने की मांग की गई है।
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सेवानिवृत्त कर्मियों ने पात्र कैजुअल डेलीवेजर और स्थायी श्रमिकों को समान सीएमपीएफ लाभ एवं पेंशन संबंधी लाभ देने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि कैजुअल श्रमिकों ने वर्षों तक खदानों में सेवाएं देने के बावजूद कई मामलों में सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित रहना पड़ा है। उनका कहना है कि करीब चार वर्ष पहले सीएमपीएफ कार्यालय को जम्मू से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके कारण बुजुर्ग पेंशनरों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवाओं को अपने मामलों के निपटारे के लिए दिल्ली जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने मांग की कि जम्मू में सीएमपीएफ का क्षेत्रीय कार्यालय पुनः खोला जाए, ताकि जम्मू-कश्मीर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने मामलों के लिए दूर-दराज की यात्रा न करनी पड़े। प्रदर्शनकारियों ने पात्र सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए छठे और सातवें वेतन आयोग के लंबित एरियर जारी करने तथा संशोधित वेतनमान का लाभ देने की भी मांग की गई है।