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शिलाई की अजरौली पंचायत में सब कुछ गोलमाल
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:28 PM IST
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शिलाई (सिरमौर)। विकास खंड शिलाई की ग्राम पंचायत अजरौली में एक के बाद एक सामने आ रही धांधलियों की शिकायतों ने सबको चौंका दिया है। इससे पहले अजरौली पंचायत के वार्ड सदस्य ने विकास कार्यों में अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए थे। अब उपप्रधान ने खंड विकास अधिकारी को एक शिकायत पत्र देकर पंचायत की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों पर कई सवाल खड़े किए हैं।
अजरौली पंचायत के उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने बीडीओ को एक लिखित शिकायत भेजकर कहा है कि उनकी पंचायत में विकास के जो भी कार्य मनरेगा, 14वें वित्त आयोग व अन्य मदों से चल रहे हैं, उसमें जमकर धांधलियां हो रही हैं। उपप्रधान ने कहा कि पंचायत के साथ विभाग के अधिकारी भी इन धांधलियों मे संलिप्त हैं। बिना काम हुए फर्जी मस्ट्रोल पर मूल्यांकन कर पेमेंट की जा रही है। अभी तक कई योजनाओं में बिना मूल्यांकन के पैसे का भी भुगतान कर दिया गया है। मस्ट्रोल में फर्जी हाजिरियां भरी जा रही हैं। मनरेगा के कार्य में मशीनरी का प्रयोग किया गया है। शिकायत में मांग की गई है कि कार्यों की जो असेसमेंट अधिकारियों ने की है, उसकी रि असेसमेंट कर मिलान किया जाए।
इससे पूर्व पंचायत के वार्ड सदस्य ने भी यही शिकायत विकासखंड अधिकारी से की थी। अजरौली पंचायत के उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने विकास खंड अधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कर योजनाओं के रि असेसमेंट करने की मांग की है। यदि आरोप गलत पाए गए को वह त्याग पत्र दे देंगे। बशर्ते कि जांच होने तक कोई नया मस्ट्रोल जारी न किया जाए।
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उधर, खंड विकास अधिकारी सुदर्शन कुमार ने उपप्रधान के लिखित शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। अनियमितताएं सामने आने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अजरौली पंचायत के उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने बीडीओ को एक लिखित शिकायत भेजकर कहा है कि उनकी पंचायत में विकास के जो भी कार्य मनरेगा, 14वें वित्त आयोग व अन्य मदों से चल रहे हैं, उसमें जमकर धांधलियां हो रही हैं। उपप्रधान ने कहा कि पंचायत के साथ विभाग के अधिकारी भी इन धांधलियों मे संलिप्त हैं। बिना काम हुए फर्जी मस्ट्रोल पर मूल्यांकन कर पेमेंट की जा रही है। अभी तक कई योजनाओं में बिना मूल्यांकन के पैसे का भी भुगतान कर दिया गया है। मस्ट्रोल में फर्जी हाजिरियां भरी जा रही हैं। मनरेगा के कार्य में मशीनरी का प्रयोग किया गया है। शिकायत में मांग की गई है कि कार्यों की जो असेसमेंट अधिकारियों ने की है, उसकी रि असेसमेंट कर मिलान किया जाए।
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इससे पूर्व पंचायत के वार्ड सदस्य ने भी यही शिकायत विकासखंड अधिकारी से की थी। अजरौली पंचायत के उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने विकास खंड अधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कर योजनाओं के रि असेसमेंट करने की मांग की है। यदि आरोप गलत पाए गए को वह त्याग पत्र दे देंगे। बशर्ते कि जांच होने तक कोई नया मस्ट्रोल जारी न किया जाए।
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उधर, खंड विकास अधिकारी सुदर्शन कुमार ने उपप्रधान के लिखित शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। अनियमितताएं सामने आने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।