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सड़क की खस्ताहालत पर रोके वाहनों के पहिए
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सड़क की खस्ताहालत पर थमे वाहनों के पहिये
सतौन-कोडगा-सखोली सड़क पर ग्रामीणों का धरना
बस के लिए सड़क पास नहीं होने से गुस्साए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)। सतौन-कोडगा-सखोली सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क की खस्ताहालत और सड़क बस के लिए पास नहीं होने से क्षुब्ध दो पंचायतों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सतौन के समीप सड़क पर धरना दे दिया। सड़क पर रोजाना चलने वाले छोटे वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
इस वजह से लोगों को सामान लेकर लगभग 20 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा।
सतौन-रेणुकाजी सड़क पर मानल से कोडगा और सखोली 15 से 20 किमी सड़क है। मानल, कांटी मशवा सड़क पर दोसड़का से लगभग 15 किलोमीटर सड़क कच्ची है। यह सड़क 2005 में बनी है। लेकिन, विभाग इस सड़क को पास नहीं करवा पाया है। इस कारण तीन पंचायतों के ग्रामीण बस और 108 एंबुलेंस जैसी सुविधा से वंचित हैं।
ग्रामीण प्रताप चौहान, सोहन सिंह, दयाराम ने कहा कि आज भी 15 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने को विवश हैं। पिकअप और यूटीलिटी इस सड़क पर चलती थी, वे अब नहीं चल रही है। पूछने पर बताया कि दो तीन दिनों से छोटी गाड़ियों के पुलिस प्रशासन चालान काट रहा है। ग्रामीणों राजीव, संजू, ओमपाल, राहुल, कुंदन सिंह, बलबीर सिंह व सुरेंद्र ने बताया कोडगा-सखोली सड़क पर तीन पंचायतों के दर्जनों गांव हैं। रोजाना लगभग 150 ग्रामीण रोजमर्रा के कार्य और दिहाड़ी मजदूरी करने सतौन आते हैं। कोई बस सुविधा नहीं होने के कारण छोटी पिकअप से अपनी नकदी फसलें और आना जाना करते हैं। लेकिन शुक्रवार को गाड़ियों ने आवाजाही बंद कर दी। इस कारण 15 से 20 किमी का सफर पैदल की तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार को तीन दिन का समय दिया है। उसके बाद मानल से कांटी मशवा सड़क पर धरना किया जाएगा। यदि समाधान नहीं हुआ तो एनएच पर ग्रामीण धरना प्रदर्शन करेंगे।
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उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीके उप्रेती ने बताया कि सखोली सड़क को पक्का करने की डीपीआर तैयार की गई है। लगभग दो करोड़ से सड़क को पक्का किया जाएगा। जबकि कोडगा सड़क में वन विभाग के साथ केस चला हुआ है। सड़क की मरम्मत के लिए मशीनें लगाई गई हैं।
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सतौन-कोडगा-सखोली सड़क पर ग्रामीणों का धरना
बस के लिए सड़क पास नहीं होने से गुस्साए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)। सतौन-कोडगा-सखोली सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क की खस्ताहालत और सड़क बस के लिए पास नहीं होने से क्षुब्ध दो पंचायतों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सतौन के समीप सड़क पर धरना दे दिया। सड़क पर रोजाना चलने वाले छोटे वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
इस वजह से लोगों को सामान लेकर लगभग 20 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा।
सतौन-रेणुकाजी सड़क पर मानल से कोडगा और सखोली 15 से 20 किमी सड़क है। मानल, कांटी मशवा सड़क पर दोसड़का से लगभग 15 किलोमीटर सड़क कच्ची है। यह सड़क 2005 में बनी है। लेकिन, विभाग इस सड़क को पास नहीं करवा पाया है। इस कारण तीन पंचायतों के ग्रामीण बस और 108 एंबुलेंस जैसी सुविधा से वंचित हैं।
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ग्रामीण प्रताप चौहान, सोहन सिंह, दयाराम ने कहा कि आज भी 15 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने को विवश हैं। पिकअप और यूटीलिटी इस सड़क पर चलती थी, वे अब नहीं चल रही है। पूछने पर बताया कि दो तीन दिनों से छोटी गाड़ियों के पुलिस प्रशासन चालान काट रहा है। ग्रामीणों राजीव, संजू, ओमपाल, राहुल, कुंदन सिंह, बलबीर सिंह व सुरेंद्र ने बताया कोडगा-सखोली सड़क पर तीन पंचायतों के दर्जनों गांव हैं। रोजाना लगभग 150 ग्रामीण रोजमर्रा के कार्य और दिहाड़ी मजदूरी करने सतौन आते हैं। कोई बस सुविधा नहीं होने के कारण छोटी पिकअप से अपनी नकदी फसलें और आना जाना करते हैं। लेकिन शुक्रवार को गाड़ियों ने आवाजाही बंद कर दी। इस कारण 15 से 20 किमी का सफर पैदल की तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार को तीन दिन का समय दिया है। उसके बाद मानल से कांटी मशवा सड़क पर धरना किया जाएगा। यदि समाधान नहीं हुआ तो एनएच पर ग्रामीण धरना प्रदर्शन करेंगे।
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उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीके उप्रेती ने बताया कि सखोली सड़क को पक्का करने की डीपीआर तैयार की गई है। लगभग दो करोड़ से सड़क को पक्का किया जाएगा। जबकि कोडगा सड़क में वन विभाग के साथ केस चला हुआ है। सड़क की मरम्मत के लिए मशीनें लगाई गई हैं।