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आठ किमी सड़क में अब तक गई 300 लोगों की जान
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रामपुर बुशहर। रामपुर-रोहड़ू मार्ग पर बाल्टीधार से बाहली आठ किलोमीटर के सफर में अभी तक करीब 300 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हादसों के लिए मशहूर चौकानाला में सैकड़ों जानें जाने के बाद भी प्रशासन, सरकार और लोक निर्माण विभाग अपनी नींद से नहीं जाग रहे। मौके पर विभाग के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के बार बार पहुंचने के बाद भी सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता प्रबंध आज तक नहीं हो पाए हैं।
तीन पंचायतों के हजारों लोग और रामपुर से रोहडू जाने वाले यात्री वर्षों से खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक 1980 के दशक में बनी रामपुर-रोहडू सड़क की हालत वर्षों से नहीं सुधर रही। इस मार्ग पर बाल्टीधार से बाहली करीब आठ किलोमीटर मार्ग पर सफर करना मानों हादसों को न्यौता देने जैसा है। मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर क्रैश बैरियर वर्षों से नहीं लग पाए हैं। वर्ष 1995-96 में रामपुर से रोहडू जा रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें एक साथ 42 लोगों को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा था। बीते करीब दो दशक में आठ किलोमीटर के दायरे में करीब 300 लोगों की मौत हो गई है। ऐसा कोई वर्ष नहीं जाता जिस वर्ष यहां हादसे न हों। वर्ष 2017 में भी इस मार्ग पर तीन युवक अकाल मौत का शिकार हो गए थे, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए थे। बीते शुक्रवार को भी यहां एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें बाप और बेटी की मौत हो गई। क्षेत्र की तकलेच, नरैण, बाहली, देवनगर सहित रोहडू जाने वाले यात्रियों को इस मार्ग का लाभ पहुंचता है।
उक्त मार्ग पर क्रैश बैरियर वर्षों से नहीं लग पाए हैं। वहीं संकीर्ण मार्ग पर हमेशा हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। निकासी नालियों की भी सही व्यवस्था न होने के कारण यहां हादसों के ग्राफ में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
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नरैण पंचायत उपप्रधान अविनाश कायथ, सतवीर कायथ, रमन कायथ, देवेंद्र भलूनी, संजय मेहता, रन्न चौहान, लोकेंद्र ठाकुर, जवाहर मेहता, पियुष मेहता, रिकूं रोल्टा, रोहित मेहता, अश्वनी देष्टा ने कहा कि सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इस सड़क की हालत को सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अविनाश कायथ ने कहा कि समस्या को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से हजारों लोगों की सुविधा को देखते हुए सड़क सुधारने की मांग की है।
तीन पंचायतों के हजारों लोग और रामपुर से रोहडू जाने वाले यात्री वर्षों से खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक 1980 के दशक में बनी रामपुर-रोहडू सड़क की हालत वर्षों से नहीं सुधर रही। इस मार्ग पर बाल्टीधार से बाहली करीब आठ किलोमीटर मार्ग पर सफर करना मानों हादसों को न्यौता देने जैसा है। मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर क्रैश बैरियर वर्षों से नहीं लग पाए हैं। वर्ष 1995-96 में रामपुर से रोहडू जा रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें एक साथ 42 लोगों को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा था। बीते करीब दो दशक में आठ किलोमीटर के दायरे में करीब 300 लोगों की मौत हो गई है। ऐसा कोई वर्ष नहीं जाता जिस वर्ष यहां हादसे न हों। वर्ष 2017 में भी इस मार्ग पर तीन युवक अकाल मौत का शिकार हो गए थे, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए थे। बीते शुक्रवार को भी यहां एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें बाप और बेटी की मौत हो गई। क्षेत्र की तकलेच, नरैण, बाहली, देवनगर सहित रोहडू जाने वाले यात्रियों को इस मार्ग का लाभ पहुंचता है।
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उक्त मार्ग पर क्रैश बैरियर वर्षों से नहीं लग पाए हैं। वहीं संकीर्ण मार्ग पर हमेशा हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। निकासी नालियों की भी सही व्यवस्था न होने के कारण यहां हादसों के ग्राफ में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
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नरैण पंचायत उपप्रधान अविनाश कायथ, सतवीर कायथ, रमन कायथ, देवेंद्र भलूनी, संजय मेहता, रन्न चौहान, लोकेंद्र ठाकुर, जवाहर मेहता, पियुष मेहता, रिकूं रोल्टा, रोहित मेहता, अश्वनी देष्टा ने कहा कि सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इस सड़क की हालत को सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अविनाश कायथ ने कहा कि समस्या को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से हजारों लोगों की सुविधा को देखते हुए सड़क सुधारने की मांग की है।