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लगातार बारिश से सेब की सेटिंग प्रभावित
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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहड़ू। इन दिनों मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागीचों में फ्लावरिंग की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बारिश से मौसम के तापमान में भारी गिरावट आ गई है। ऐेसे में सेब की सेटिंग पूरी तरह से प्रभावित होने की संभावना बढ़ने लगी है।
लगातार हो रही वर्षा ने सेब के पौधों पर निकले फूलों को प्रभावित किया है। सेब की सेटिंग के लिए फूल खिलते समय दिन का तापमान 18 से 25 डिग्री सेल्सियस होना आवश्यक है। इससे कम तापमान में फूल का सही विकास नहीं हो पाता है।
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बारिश के बाद दिन के समय दो दिनों से अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे चल रहा है। जिसके कारण फूल के विकास के साथ-साथ परागण की प्रक्रिया भी रुक गई है। बागवानों ने बागीचों में परागण के लिए मधुमक्खियों के बक्से लगाए हुए हैं लेकिन बारिश के बीच मक्खियां परागण के लिए बक्सों से बाहर नहीं आ रही हैं।
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ऐसे में बारिश ने फूलों के पोलन को खत्म कर दिया है। ठंड की अधिकता के कारण सेटिंग के लिए आवश्यक मित्र कीट भी मर गए हैं। फ्लावरिंग की प्रक्रिया पूरे यौवन पर है। उस पर निरंतर हो रही वर्षा ने बागवानों को हिला कर रख दिया है। बागवानों के लिए सेब एक मात्र आय का साधन है। सेब की फसल प्रभावित होने से बागवानों को आर्थिक तंगी के दौर से गुजरने का डर अभी से सताने लगा है।
इस संबंध में बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ के अनुसार अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फ्लावरिंग प्रक्रिया चल रही है। लगातार हो रही वर्षा से सेब की सेटिंग प्रभावित हुई है। जहां फ्लावरिंग चल रही है, वहां फूलों के पोलन को वर्षा ने काफी प्रभावित किया है। आगामी दिनों में भी अगर मौसम खराब रहता है, तो फ्लावारिंग पूरी से प्रभावित हो सकती है।