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प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने को नगर निगम ने तेज किए प्रयास 19-17-06
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धर्मशाला। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान फिर से प्रवासी मजदूरों के पलायन की खबरें आ रही हैं। दूसरे राज्यों से सबक लेते हुए नगर निगम धर्मशाला ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों का पलायन रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं। नगर निगम के प्रतिनिधियों के अनुसार यहां करीब 1500 के करीब प्रवासी मजदूर आजीविका के बदले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्य से हैं।
शहर में स्वच्छता से लेकर ठेकेदारों को श्रम सेवाओं और अन्य तमाम तरह के कामों में यह अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। क्षेत्र में गेहूं की फसल भी पक चुकी है। अधिकतर स्थानीय दिहाड़ीदार फसल की कटाई में व्यस्त हो गए हैं।
ऐसे में नगर निगम शहर की तरफ से तमाम व्यवस्थाओं को सुचारु ढंग से चलाने के लिए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। इसके लिए नगर निगम लगातार प्रवासी मजदूरों के संपर्क में है और उन्हें धर्मशाला में उनकी हर तरह की सुरक्षा का विश्वास दिलाया जा रहा है।
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मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था से लेकर मजदूरी तक के लिए प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका है। हमारी कोशिश रहेगी कि इनमें किसी तरह के डर का माहौल पैदा न होने दिया जाए। इनकी जरूरतों का भी नगर निगम धर्मशाला की ओर से ध्यान रखा जाएगा। वहीं, डिप्टी मेयर सर्व चंद गलोटिया ने बताया कि स्वच्छता व्यवस्था, नगर निगम के करीब 65 ठेकदारों को श्रम सेवाएं और विनिर्माण कार्यों में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका है। नगर निगम की तरफ से इनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदारों को भी इनकी जरूरतें पूरी करने की हिदायत दे दी गई हैं, ताकि इन्हें किसी तरह के डर के कारण पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।
कोविड से निपटने को चार जोन में बांटा धर्मशाला : मेयर
नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि कोविड के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए नगर निगम क्षेत्र को चार जोन में बांटा गया है। इसमें हर जोन में करीब चार वार्डों को शामिल किया गया है। हर जोन में पार्षद आपसी समन्वय एवं सहयोग के जरिये कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए डट गए हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रहने वालों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उनके घरों के बाहर लाल और हरे रंग के स्टीकर लगाए जा रहे हैं।
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शहर में स्वच्छता से लेकर ठेकेदारों को श्रम सेवाओं और अन्य तमाम तरह के कामों में यह अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। क्षेत्र में गेहूं की फसल भी पक चुकी है। अधिकतर स्थानीय दिहाड़ीदार फसल की कटाई में व्यस्त हो गए हैं।
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ऐसे में नगर निगम शहर की तरफ से तमाम व्यवस्थाओं को सुचारु ढंग से चलाने के लिए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। इसके लिए नगर निगम लगातार प्रवासी मजदूरों के संपर्क में है और उन्हें धर्मशाला में उनकी हर तरह की सुरक्षा का विश्वास दिलाया जा रहा है।
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मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था से लेकर मजदूरी तक के लिए प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका है। हमारी कोशिश रहेगी कि इनमें किसी तरह के डर का माहौल पैदा न होने दिया जाए। इनकी जरूरतों का भी नगर निगम धर्मशाला की ओर से ध्यान रखा जाएगा। वहीं, डिप्टी मेयर सर्व चंद गलोटिया ने बताया कि स्वच्छता व्यवस्था, नगर निगम के करीब 65 ठेकदारों को श्रम सेवाएं और विनिर्माण कार्यों में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका है। नगर निगम की तरफ से इनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदारों को भी इनकी जरूरतें पूरी करने की हिदायत दे दी गई हैं, ताकि इन्हें किसी तरह के डर के कारण पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।
कोविड से निपटने को चार जोन में बांटा धर्मशाला : मेयर
नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि कोविड के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए नगर निगम क्षेत्र को चार जोन में बांटा गया है। इसमें हर जोन में करीब चार वार्डों को शामिल किया गया है। हर जोन में पार्षद आपसी समन्वय एवं सहयोग के जरिये कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए डट गए हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रहने वालों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उनके घरों के बाहर लाल और हरे रंग के स्टीकर लगाए जा रहे हैं।