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ीजीटी केडर अध्यापकों की उपेक्षा पर भड़का संघ
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:01 PM IST
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हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग में टीजीटी काडर की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त किया है। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के कोर कमेटी अध्यक्ष केवल ठाकुर, प्रदेश महामंत्री यशवीर जंवाल ने कहा कि वर्ष 2003 में उच्च न्यायालय ने स्कूल प्रवक्ता की वर्ष 2001 में तैयार की गई वरिष्ठता सूची को सिरे से खारिज करते हुए निर्णय दिया था कि इसे 1:1 आधार पर सीधी भर्ती और पदोन्नत प्रवक्ता में से तैयार किया जाए। न्यायालय के इन आदेशों की अनुपालना के लिए तत्कालीन शिक्षा सचिव ने शिक्षा निदेशालय को भी आदेश जारी किए थे लेकिन, आज भी शिक्षा विभाग उसी पुरानी खारिज की गई त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची से स्कूल प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति कर रहा है। इसका सीधा-सीधा खामियाजा टीजीटी काडर से संबंधित पदोन्नत प्रवक्ता को भोगना पड़ रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 5 सालों की प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूचियां जो स्कूल प्रवक्ता के कोटे से हुई हैं, उनमें 452 पदों से मात्र 5 प्रवक्ता ही प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत हुए हैं। इस कोटे में उनके पदोन्नति का प्रतिशत मात्र 1.7 रहा है जबकि, नियमानुसार इसमें आधे प्रधानाचार्य पदोन्नत प्रवक्ता वर्ग से आने चाहिए थे।
संघ ने सरकार से मांग की है कि स्कूल प्रवक्ता कोटे से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति तब तक नहीं होनी चाहिए जब तक इस वरिष्ठता सूची को 1:1 के आधार पर समायोजित नहीं किया जाता। संघ ने मांग की है कि 26000 टीजीटी काडर के लिए जो 900 प्रधानाचार्य के पद 50:50 कोटे के आधार पर मिलते हैं और जिनका वर्तमान प्रतिशत 3.49 है, इस काडर की संख्या को मद्देनजर रखते हुए इसे 95:5 टीजीटी काडर के पक्ष में किया जाए ताकि, यह उपेक्षित काडर भी अपने जीवन काल में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का कोई अवसर प्राप्त कर सके। इस मौके पर प्रशिक्षित कला स्नातक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशल, प्रदेश सचिव अखिलेश, विज्ञान अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पाल परिहार, जिला प्रधान मुकेश, पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमन शर्मा, जिला महासचिव रविदास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप डढवाल, कोषाध्यक्ष अजय नंदा ने टीजीटी से पदोन्नति के समय लिए जाने वाले विकल्प की शर्त को तुरंत हटा कर 26-4-2010 की स्थिति को बहाल करने की मांग की है। पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे संघर्ष की राह अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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संघ ने सरकार से मांग की है कि स्कूल प्रवक्ता कोटे से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति तब तक नहीं होनी चाहिए जब तक इस वरिष्ठता सूची को 1:1 के आधार पर समायोजित नहीं किया जाता। संघ ने मांग की है कि 26000 टीजीटी काडर के लिए जो 900 प्रधानाचार्य के पद 50:50 कोटे के आधार पर मिलते हैं और जिनका वर्तमान प्रतिशत 3.49 है, इस काडर की संख्या को मद्देनजर रखते हुए इसे 95:5 टीजीटी काडर के पक्ष में किया जाए ताकि, यह उपेक्षित काडर भी अपने जीवन काल में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का कोई अवसर प्राप्त कर सके। इस मौके पर प्रशिक्षित कला स्नातक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशल, प्रदेश सचिव अखिलेश, विज्ञान अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पाल परिहार, जिला प्रधान मुकेश, पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमन शर्मा, जिला महासचिव रविदास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप डढवाल, कोषाध्यक्ष अजय नंदा ने टीजीटी से पदोन्नति के समय लिए जाने वाले विकल्प की शर्त को तुरंत हटा कर 26-4-2010 की स्थिति को बहाल करने की मांग की है। पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे संघर्ष की राह अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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