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Bilaspur News: 64 साल बाद भी नहीं मिला हक, भाखड़ा विस्थापितों की उम्मीदें अब भी अधूरी

Thu, 30 Jan 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 30 Jan 2025 11:42 PM IST
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Rights not given even after 64 years, hopes of Bhakra displaced people still unfulfilled
विस्थापन का दंश भाग 2
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-सरकारें बदलीं, वादे हुए लेकिन देश को रोशन करने वालों की समस्या जस की तस
-चुनावों के समय होते हैं प्लॉट देने के नाम पर घोषणाओं के छलावे
-विस्थापितों की हालत दयनीय, बिना सुविधाओं के विदा हुए कई लोग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साठ के दशक में देश की पहली पनबिजली परियोजना के लिए बिलासपुर के 205 राजस्व गांवों के हजारों परिवारों ने अपने घर और जमीनें न्योछावर कर दीं। लेकिन 64 साल बाद भी भाखड़ा विस्थापितों का पुनर्वास अधूरा है। सरकारी वादे केवल कागजों में सीमित रह गए। सरकारें बदलीं, घोषणाएं हुईं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदला। बिलासपुर के करीब 245 भाखड़ा विस्थापित परिवार आज भी प्लॉट आवंटन के इंतजार में हैं।
जिन परिवारों ने देश की प्रगति के लिए अपने घर-बार कुर्बान किए, वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कई विस्थापित बिना उचित पुनर्वास और सुविधाओं के दुनिया से ही विदा हो गए। जो बचे हैं, वे कई बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। सरकार ने पौंग डैम विस्थापितों को एफआरए में छूट देकर प्लॉट दे दिए, लेकिन भाखड़ा विस्थापितों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। भाखड़ा विस्थापितों ने भी साठ के दशक में अपने घरों और जमीनों का बलिदान दिया था। लेकिन वो आज भी इंतजार कर रहे हैं कि सरकार उनके साथ भी समान नीति अपनाएगी। विस्थापन के 64 साल बाद भी इन परिवारों की तीसरी पीढ़ी प्लॉट आवंटन के लिए संघर्ष कर रही है। भाखड़ा विस्थापित परिवारों ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि निहाल में उद्यान विभाग की जमीन पर प्लॉट विकसित कर उन्हें आवंटित किए जाएं। साथ ही एफआरए के तहत उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि उन्हें मालिकाना हक मिल सके। लेकिन अभी तक उसपर भी कोई विचार नहीं हुआ। इसके अलावा कई जगह पर विस्थापितों को बसाने के लिए साढ़े छह दशक में कई बार प्रयास तो हुए, लेकिन वो प्रयास धरातल पर नहीं उतरे। सरकारें बदलती रहीं, लेकिन विस्थापितों का दर्द वहीं का वहीं रहा। सभी दावे खोखले साबित हुए हैं।
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कोट
सरकार ने कई बार प्लॉट देने की घोषणाएं कीं, लेकिन वे कभी अमल में नहीं आईं। निहाल क्षेत्र में उद्यान विभाग के पास 14 बीघा जमीन उपलब्ध है, जिसे प्लॉट के रूप में विकसित कर विस्थापितों को दिया जा सकता है। प्लॉट आवंटन के लिए कई प्रस्ताव तो पारित हुए लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के चलते यह प्रस्ताव आज भी ठंडे बस्ते में है।
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देश राज शर्मा, प्रधान, जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति
कोट
भाखड़ा विस्थापितों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना और प्लाट देना हमारी प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार के समय में कई फैसले ऐसे लिए गए जिनसे विस्थापितों को राहत मिली। जिन परिवारों को अब भी प्लॉट नहीं मिले हैं उनके लिए साथ मिलकर प्लॉट आवंटित कराए जाएंगे। प्रशासन से इस विषय पर बैठक कर उचित कदम उठाए जाएंगे।

त्रिलोक जमवाल, भाजपा विधायक सदर बिलासपुर

कोट
भाखड़ा विस्थापितों को प्लॉट आवंटन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। सरकारी विभागों की तीन जगह पर जमीन को चिन्हित किया गया है। औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इस पर लगातार काम जारी है। जमीन चयनित करने, फाइल तैयार करने के लिए राजस्व विभाग को दिशा निर्देश दिए हैं। कोशिश है कि 245 परिवारों को जल्द प्लॉट आवंटित किए जाएं।
आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त बिलासपुर
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