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फोरलेन के तहत बने मंडी-भराड़ी 750 मीटर पुल में बरती अनियमितताओं की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत मंडी भराड़ी पुल के निर्माण के जमीन अधिग्रहण में बरती अनियमितताओं को लेकर उपायुक्त पंकज राय एनएचएआई से जवाब तलब करेंगे।
750 मीटर लंबे पुल के लिए फोरलेन की विशेष भूमि अधिग्रहण इकाई ने करीब पौने चार बीघा भूमि का अधिग्रहण किया था। इस जमीन पर पुल बना ही नहीं है। इससे सरकारी पैसे का दुरुपयोग का मामला सामने आ रहा है।
एनएचएआई की भू अधिग्रहण इकाई ने पुल के लिए जो निजी भूमि अधिग्रहीत की थी, वहां इसका निर्माण नहीं किया गया। इससे करीब 200 मीटर दूर बीबीएमबी की जमीन में पुल बनाया गया है। इससे अब निजी जमीन जिसका अधिग्रहण पुल के लिए किया था, उसका कोई प्रयोग नहीं हो पाया है।
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इस पुल के निर्माण के लिए एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई ने धराड़सानी में करीब पौने चार बीघा जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके लिए एक कमरे और जमीन समेत उसके मालिकों को करीब 63 लाख रुपये का मुआवजा दिया था।
अब जब पुल बनकर तैयार हुआ तो इसका दूसरा सिरा इस जमीन पर निकला ही नहीं। अब फोरलेन द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। मामला सामने आने के बाद अब उपायुक्त इस संबंध में एनएचएआई से जवाब तलब करेंगे।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि इस पुल के लिए जो अवैध मुआवजा आवंटन हुआ है, उस पर भ्रष्टाचार के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। वहीं नाजायज कब्जे की मिसल तैयार करवाई जाए। वहीं पुल के दूसरे छोर जो मंडी भराड़ी से मुहाल पट्टा को जोड़ता है की भी जांच करवाई जाए कि वो सही जगह पर बना है या नहीं।
फोरलेन पर पुल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर एनएचएआई से रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
पंकज राय, उपायुक्त, बिलासपुर
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत मंडी भराड़ी पुल के निर्माण के जमीन अधिग्रहण में बरती अनियमितताओं को लेकर उपायुक्त पंकज राय एनएचएआई से जवाब तलब करेंगे।
750 मीटर लंबे पुल के लिए फोरलेन की विशेष भूमि अधिग्रहण इकाई ने करीब पौने चार बीघा भूमि का अधिग्रहण किया था। इस जमीन पर पुल बना ही नहीं है। इससे सरकारी पैसे का दुरुपयोग का मामला सामने आ रहा है।
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एनएचएआई की भू अधिग्रहण इकाई ने पुल के लिए जो निजी भूमि अधिग्रहीत की थी, वहां इसका निर्माण नहीं किया गया। इससे करीब 200 मीटर दूर बीबीएमबी की जमीन में पुल बनाया गया है। इससे अब निजी जमीन जिसका अधिग्रहण पुल के लिए किया था, उसका कोई प्रयोग नहीं हो पाया है।
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इस पुल के निर्माण के लिए एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई ने धराड़सानी में करीब पौने चार बीघा जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके लिए एक कमरे और जमीन समेत उसके मालिकों को करीब 63 लाख रुपये का मुआवजा दिया था।
अब जब पुल बनकर तैयार हुआ तो इसका दूसरा सिरा इस जमीन पर निकला ही नहीं। अब फोरलेन द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। मामला सामने आने के बाद अब उपायुक्त इस संबंध में एनएचएआई से जवाब तलब करेंगे।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि इस पुल के लिए जो अवैध मुआवजा आवंटन हुआ है, उस पर भ्रष्टाचार के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। वहीं नाजायज कब्जे की मिसल तैयार करवाई जाए। वहीं पुल के दूसरे छोर जो मंडी भराड़ी से मुहाल पट्टा को जोड़ता है की भी जांच करवाई जाए कि वो सही जगह पर बना है या नहीं।
फोरलेन पर पुल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर एनएचएआई से रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
पंकज राय, उपायुक्त, बिलासपुर