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एसडीएम के साथ हाथापाई, कमीज फाड़ी
Amar Ujala Bureau Sonipat
Updated Wed, 09 Jul 2014 01:01 AM IST
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गांव चिड़ाना के सरपंच मनोज हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग
को लेकर लघु सचिवालय परिसर के सामने अनशन पर बैठे अनशनकारी भारतीय
घुमंतु-बेघर किसान कमेरा संघर्ष समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र कौर
के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन देने के
लिए पहुंचे।
लेकिन ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम ने आश्वासन नहीं दिया तो महिलाओं ने एसडीएम का घेराव कर उनसे हाथापाई की। महिलाओं ने एसडीएम को घेर लिया। हाथापाई के दौरान एसडीएम की कमीज भी फट गई। बड़ी मुश्किल से उनको महिलाओं के बीच से निकाला गया।
थाना सदर के अंतर्गत आने वाले गांव चिड़ाना के सरपंच मनोज की अगस्त 2013 में हत्या हो गई थी। लेकिन पुलिस की कारवाई से असंतुष्ट मृतक मनोज के पिता बलवान सिंह के साथ रामदिया और भीमा निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग को लेकर 2 जुलाई को उपमंडलीय परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गए। लेकिन अनशनकारियों को चोरी होने का नाम लेकर परिसर से बाहर कर दिया गया जिसके बाद अनशनकारियों ने अपने अनशन को लघु सचिवालय परिसर गेट के सामने शुरू कर दिया। अनशन पर बैठे लोगाें से 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा जिसके बाद सोमवार को फैसला लिया गया कि मंगलवार को प्रदर्शन कर एसडीएम को निष्पक्ष जांच को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदर्शन लाइव
लघु सचिवालय परिसर के सामने अनशन पर बैठे मृतक मनोज के पिता बलवान सिंह के साथ रामदिया और भीमा के पास मंगलवार सुबह के दस बजे भीड़ एकत्रित होनी शुरू हो गई। पौने 11 बजे तक लोग गाड़ियों में सवार होकर आते रहे। जिसके बाद 11 बजे भारतीय घुमंतु-बेघर किसान कमेरा संघर्ष समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र कौर के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय की और बढ़े। सवा 11 बजे प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद एसडीएम सतबीर लोहचब प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन लेने 11 बजकर 25 मिनट पर बाहर आए।
...और बिगड़ गया माहौल
- प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सतबीर लोहचब को ज्ञापन देने के बाद कहा कि परिसर में बैठे अनशनकारियों को पुलिसकर्मी ने बाहर निकाल दिया।
- एसडीएम ने कहा कि परिसर के अंदर अनशन करना या धरना देने की अनुमति किसी को नही है। ये अवैध है।
- प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से कहा कि वह इस मामले की दोबारा से नए सिरे से जांच की जाए।
- एसडीएम सतबीर लोहचब ने जवाब दिया कि वह इसके लिए तैयार नहीं है। इस मामले में केवल अदालत ही कुछ कर सकती है। अफसर इस मामले में दखल नहीं दे सकते, ऐसे में वह कोरा आश्वासन नहीं देंगे।
इस पर महिलाएं भड़क गई और उनके कार्यालय में जाने से रोकने के लिए उनको घेर लिया गया। प्रदर्शनकारी इतने आवेश में आ गए कि एसडीएम के हाथों को खींचते हुए उनसे हाथापाई तक की गई। करीब 15 मिनट झड़प चलने के बाद पुलिसकर्मी भीड़ में घुसे और एसडीएम को उनके कार्यालय में लेकर पहुंचे। हाथापाई में एसडीएम का चश्मा उतर गया और उनकी शर्ट का बटन भी खींचातानी में खुल गया।
सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
सूचना मिलने गोहाना के डीएसपी राजीव देशवाल, थाना सदर प्रभारी कुलदीप देशवाल और थाना शहर के प्रभारी सतेंद्र कुमार पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने एसडीएम के आदेश का पालन कर किसी प्रदर्शनकारी को नहीं छुआ और सब शांति से बैठे रहे। पुष्पेंद्र कौर ने भी सार्वजनिक रूप से माना कि भीड़ ने एसडीएम से गलत बर्ताव किया। हाथापाई होने के बाद एसडीएम सतबीर लोहचब अपने कार्यालय का दरवाजा बंद कर बैठे गए और करीब दस मिनट बाद मृतक सरपंच मनोज के पिता बलवान सिंह, मां वेदो देवी, पत्नी सुमन सहित प्रमुख परिजनाें को बातचीत के लिए बुलाया और उन्हें सोनीपत डीसी के पास जाने के लिए कहा जिसके बाद प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर आ गए।
लेकिन ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम ने आश्वासन नहीं दिया तो महिलाओं ने एसडीएम का घेराव कर उनसे हाथापाई की। महिलाओं ने एसडीएम को घेर लिया। हाथापाई के दौरान एसडीएम की कमीज भी फट गई। बड़ी मुश्किल से उनको महिलाओं के बीच से निकाला गया।
थाना सदर के अंतर्गत आने वाले गांव चिड़ाना के सरपंच मनोज की अगस्त 2013 में हत्या हो गई थी। लेकिन पुलिस की कारवाई से असंतुष्ट मृतक मनोज के पिता बलवान सिंह के साथ रामदिया और भीमा निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग को लेकर 2 जुलाई को उपमंडलीय परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गए। लेकिन अनशनकारियों को चोरी होने का नाम लेकर परिसर से बाहर कर दिया गया जिसके बाद अनशनकारियों ने अपने अनशन को लघु सचिवालय परिसर गेट के सामने शुरू कर दिया। अनशन पर बैठे लोगाें से 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा जिसके बाद सोमवार को फैसला लिया गया कि मंगलवार को प्रदर्शन कर एसडीएम को निष्पक्ष जांच को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदर्शन लाइव
लघु सचिवालय परिसर के सामने अनशन पर बैठे मृतक मनोज के पिता बलवान सिंह के साथ रामदिया और भीमा के पास मंगलवार सुबह के दस बजे भीड़ एकत्रित होनी शुरू हो गई। पौने 11 बजे तक लोग गाड़ियों में सवार होकर आते रहे। जिसके बाद 11 बजे भारतीय घुमंतु-बेघर किसान कमेरा संघर्ष समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र कौर के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय की और बढ़े। सवा 11 बजे प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद एसडीएम सतबीर लोहचब प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन लेने 11 बजकर 25 मिनट पर बाहर आए।
...और बिगड़ गया माहौल
- प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सतबीर लोहचब को ज्ञापन देने के बाद कहा कि परिसर में बैठे अनशनकारियों को पुलिसकर्मी ने बाहर निकाल दिया।
- एसडीएम ने कहा कि परिसर के अंदर अनशन करना या धरना देने की अनुमति किसी को नही है। ये अवैध है।
- प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से कहा कि वह इस मामले की दोबारा से नए सिरे से जांच की जाए।
- एसडीएम सतबीर लोहचब ने जवाब दिया कि वह इसके लिए तैयार नहीं है। इस मामले में केवल अदालत ही कुछ कर सकती है। अफसर इस मामले में दखल नहीं दे सकते, ऐसे में वह कोरा आश्वासन नहीं देंगे।
इस पर महिलाएं भड़क गई और उनके कार्यालय में जाने से रोकने के लिए उनको घेर लिया गया। प्रदर्शनकारी इतने आवेश में आ गए कि एसडीएम के हाथों को खींचते हुए उनसे हाथापाई तक की गई। करीब 15 मिनट झड़प चलने के बाद पुलिसकर्मी भीड़ में घुसे और एसडीएम को उनके कार्यालय में लेकर पहुंचे। हाथापाई में एसडीएम का चश्मा उतर गया और उनकी शर्ट का बटन भी खींचातानी में खुल गया।
सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
सूचना मिलने गोहाना के डीएसपी राजीव देशवाल, थाना सदर प्रभारी कुलदीप देशवाल और थाना शहर के प्रभारी सतेंद्र कुमार पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने एसडीएम के आदेश का पालन कर किसी प्रदर्शनकारी को नहीं छुआ और सब शांति से बैठे रहे। पुष्पेंद्र कौर ने भी सार्वजनिक रूप से माना कि भीड़ ने एसडीएम से गलत बर्ताव किया। हाथापाई होने के बाद एसडीएम सतबीर लोहचब अपने कार्यालय का दरवाजा बंद कर बैठे गए और करीब दस मिनट बाद मृतक सरपंच मनोज के पिता बलवान सिंह, मां वेदो देवी, पत्नी सुमन सहित प्रमुख परिजनाें को बातचीत के लिए बुलाया और उन्हें सोनीपत डीसी के पास जाने के लिए कहा जिसके बाद प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर आ गए।