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Sonipat News: सरकार की नीतियों के खिलाफ जताया विरोध
Wed, 06 Mar 2024 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:16 PM IST
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सोनीपत/गोहाना। सोनीपत व गोहाना सब डिपो साझा मोर्चा ने बुधवार को गेट मीटिंग कर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो में दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि सरकार मांगों पर सहमति बनने के बाद भी उन्हें लागू नहीं कर रही है। जिससे सभी कर्मचारियों में रोष है।
डिपो प्रधान विरेंद्र पहल ने बताया कि 23 जून 2023 को राज्य कमेटी साझा मोर्चा के साथ बातचीत में सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई थी। जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था। आज तक यह मांगे लागू नहीं की गई हैं। अब सरकार एक नई और ओवरटाइम पॉलिसी सरकार लेकर आई है, जो कर्मचारी विरोधी है। जिसका सभी कर्मचारी विरोध करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते सरकार ने मांगों को लागू नहीं किया तो आने वाले समय में रोडवेज साझा मोर्चा कोई भी आगामी रणनीति बनाकर बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकता है। विरोध प्रदर्शन में सभी कर्मचारी शामिल रहे।
यह हैं मांगें
-ग्रेड कौशल रोजगार बंद करके पक्की भर्तियां की जाएं।
-इलेक्ट्रॉनिक बसों पर रोक लगाकर साधारण सरकारी बसें मंगवाई जाएं।
-विभाग में जोखिम भरी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 5000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।
-कर्मशाला में खाली पड़े रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएं।
-265 प्राइवेट परमिट देने की पॉलिसी को तुरंत रद्द किया जाए।
-जनसंख्या अनुसार नई बसें रोडवेज में शामिल की जाएं।
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डिपो प्रधान विरेंद्र पहल ने बताया कि 23 जून 2023 को राज्य कमेटी साझा मोर्चा के साथ बातचीत में सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई थी। जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था। आज तक यह मांगे लागू नहीं की गई हैं। अब सरकार एक नई और ओवरटाइम पॉलिसी सरकार लेकर आई है, जो कर्मचारी विरोधी है। जिसका सभी कर्मचारी विरोध करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते सरकार ने मांगों को लागू नहीं किया तो आने वाले समय में रोडवेज साझा मोर्चा कोई भी आगामी रणनीति बनाकर बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकता है। विरोध प्रदर्शन में सभी कर्मचारी शामिल रहे।
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यह हैं मांगें
-ग्रेड कौशल रोजगार बंद करके पक्की भर्तियां की जाएं।
-इलेक्ट्रॉनिक बसों पर रोक लगाकर साधारण सरकारी बसें मंगवाई जाएं।
-विभाग में जोखिम भरी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 5000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।
-कर्मशाला में खाली पड़े रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएं।
-265 प्राइवेट परमिट देने की पॉलिसी को तुरंत रद्द किया जाए।
-जनसंख्या अनुसार नई बसें रोडवेज में शामिल की जाएं।