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गांव रूखी में जमीन न होने पर रोहतक-पानीपत हाईवे पर डाला गेहूं
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Sat, 22 Apr 2017 11:27 PM IST
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गांव रूखी में नेशनल हाइवे पर डाला गया गेहूं।
- फोटो : amarujala beuro
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रूखी गांव के खरीद केंद्र में जगह न होने के चलते किसानों और आढ़तियों ने रोहतक-पानीपत हाईवे पर ही गेहूं डलवाना शुरू कर दिया। इस कारण कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। लोगों ने रास्ता खाली कराने की मांग की है। वहीं, मार्केट कमेटी के सचिव का कहना है कि मंडी की जमीन के लिए फाइल चंडीगढ़ भेजी है। तब तक आढ़तियों को सड़क किनारे गेहूं डालने की छूट दी गई है।
सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए गोहाना उपमंडल के विभिन्न गांवों में आठ खरीद केंद्र बनाए गए हैं, ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान अपने नजदीक के खरीद केंद्र में अपनी गेहूं की फसल डाल सकें। गांव रूखी में पहले जिस जगह गेहूं का खरीद केंद्र बनाया गया था, वह जमीन रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग-71 पर बने बाईपास में चली गई। उसके बाद पंचायत द्वारा गेहूं खरीद केंद्र के लिए जमीन मुहैया करवाई गई, लेकिन वह अभी तक पक्की नहीं की गई है। किसानों व आढ़तियों के साथ-साथ यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि गेहूं खुले में पड़ा होने की वजह से कट्टे चोरी होने का भी डर बना रहता है, जिसके चलते रात को जाग कर पहरा भी देना पड़ता है। उनका कहना है कि अब अचानक गेहूं की आवक तेज हो गई है, जिस कारण जमीन उपलब्ध न होने पर गेहूं को सड़क के किनारे डाला जा रहा है।
खरीद केंद्र की जगह तैयार नहीं
आढ़ती रणबीर का कहना है कि खरीद केंद्र की जमीन को तैयार नहीं किया गया है। कोई दूसरा ऐसा स्थान नहीं है, जहां फसल को डाला जा सके। ऐसे में मजबूरी के कारण गेहूं की फसल सड़क पर डाली जा रही है।
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मंडी से संबंधित फाइल को चंडीगढ़ आला अधिकारियों के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद मंडी का काम शुरू कराया जाएगा। तब तक सड़क के साथ खाली पड़ी जमीन पर वहां के दुकानदारों को गेहूं डालने की छूट दी गई है।
-देवेंद्र ढुल, सचिव, मार्केट कमेटी
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सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए गोहाना उपमंडल के विभिन्न गांवों में आठ खरीद केंद्र बनाए गए हैं, ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान अपने नजदीक के खरीद केंद्र में अपनी गेहूं की फसल डाल सकें। गांव रूखी में पहले जिस जगह गेहूं का खरीद केंद्र बनाया गया था, वह जमीन रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग-71 पर बने बाईपास में चली गई। उसके बाद पंचायत द्वारा गेहूं खरीद केंद्र के लिए जमीन मुहैया करवाई गई, लेकिन वह अभी तक पक्की नहीं की गई है। किसानों व आढ़तियों के साथ-साथ यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि गेहूं खुले में पड़ा होने की वजह से कट्टे चोरी होने का भी डर बना रहता है, जिसके चलते रात को जाग कर पहरा भी देना पड़ता है। उनका कहना है कि अब अचानक गेहूं की आवक तेज हो गई है, जिस कारण जमीन उपलब्ध न होने पर गेहूं को सड़क के किनारे डाला जा रहा है।
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खरीद केंद्र की जगह तैयार नहीं
आढ़ती रणबीर का कहना है कि खरीद केंद्र की जमीन को तैयार नहीं किया गया है। कोई दूसरा ऐसा स्थान नहीं है, जहां फसल को डाला जा सके। ऐसे में मजबूरी के कारण गेहूं की फसल सड़क पर डाली जा रही है।
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मंडी से संबंधित फाइल को चंडीगढ़ आला अधिकारियों के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद मंडी का काम शुरू कराया जाएगा। तब तक सड़क के साथ खाली पड़ी जमीन पर वहां के दुकानदारों को गेहूं डालने की छूट दी गई है।
-देवेंद्र ढुल, सचिव, मार्केट कमेटी