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सीआईएसएफ के जवान की तेजधार हथियार से हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला गन्नौर
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:00 AM IST
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उपमंडल के गांव लल्हेड़ी के सीआईएसएफ में तैनात जवान 45 वर्षीय सत्यनारायण की किसी ने तेजधार हथियार से हमला करके हत्या कर दी। शनिवार सुबह उसका शव लड़सौली गांव के खेतों में मिला, जहां वह रात को पानी देने गया था। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
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डीएसपी सतीश कुमार ने बताया कि पूछताछ में परिजनों ने बताया कि सतनारायण सीआईएसएफ में बतौर सिपाही के पद पर दिल्ली के बवाना में तैनात था। फिलहाल वह परिवार सहित कई साल से सोनीपत शहर में रह रहा था, लेकिन उसके परिजन व खेत लल्हेड़ी गांव में ही थे।
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वह अपने कार्यालय से छुट्टी लेकर शनिवार सुबह ही गांव में आया था और रात को करीब साढ़े आठ बजे अपने खेत में पानी देने के लिए घर से निकला था। अगले दिन सुबह जब उसका बड़ा भाई नरेश खेत में पहुंचा तो उसने देखा कि सतनारायण खेत में अचेत अवस्था में पड़ा है।
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नरेश ने जब सतनारायण को पलट कर देखा तो सतनारायण के सिर के पिछले हिस्से पर किसी हथियार से हमला कर रखा था। नरेश ने इसकी सूचना परिजनों के साथ-साथ पुलिस को दी। डीएसपी सतीश शर्मा मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम को मौके पर बुलवाकर सैंपल एकत्रित करवाए।
क्या कहते हैं डीएसपी
मृतक जवान के परिजनों के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। परिजन किसी ने रंजिश नहीं बता रहे हैं। फिर भी पुलिस कई एंगल से वारदात की जांच कर रही है। वारदात का खुलासा करने के लिए चार टीमें बनाई गई हैं।
करवाचौथ का व्रत भी नहीं कर सका पति की सुरक्षा
सतनारायण की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सतनारायण अपने तीन भाईयों में सबसे छोटा था। सतनारायण अपने पीछे अपनी माता सावित्री, पत्नी गीता और एक 18 वर्षीय पुत्र संकेत को छोड़ गया। पति की लंबी आयु के लिए गीता ने करवाचौथ का व्रत रखा था, लेकिन वह भी काम नहीं आया। माता सावित्री उस घड़ी को कोस रही थी जब सतनारायण खेत में पानी देने के लिए घर से निकला था।
1992 में भर्ती हुआ सीआईएसएफ में, कबड्डी का रहा बेहतरीन खिलाड़ी
सतनारायण वर्ष 1992 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। परिजनों के अनुसार सतनारायण कबड्डी का एक अच्छा खिलाड़ी था और उसने वर्ष 1990 में आयोजित हुई एमडीयू इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता के साथ-साथ ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अपना योगदान दिया था।