{"_id":"0e7097a62c2fe0c1cbaaf3ce0b8d6858","slug":"cm-news-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई चढ़ा ट्राली में तो कोई विवि की बस में बैठकर पहुंचा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई चढ़ा ट्राली में तो कोई विवि की बस में बैठकर पहुंचा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 13 Feb 2016 12:27 AM IST
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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में शुक्रवार को छठी क्वार्टर मैराथन का आयोजन किया गया। मैराथन को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन के साथ सीएम भी दौड़े, उनके साथ सांसद, मंत्री और अन्य अधिकारीगण भी दौड़े। मैराथन में कुल लगभग 2 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 10 लड़कियों और 10 लड़कों को पुरस्कृत भी किया गया। लड़कियों में वीवीएस कॉलेज की रचना और लड़कों में सीआरए कॉलेज का राहुल छिक्कारा विजयी रहे। दोनों को 5100-5100 रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी गई। लगभग साढ़े 10 किलोमीटर लंबी यह मैराथन दौड़ 1 घंटे बाद समाप्त हुई।
विवि की बस ने पूरी कराई मैराथन
मैराथन एक खेल है और खेल में चीटिंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन शुक्रवार को मुरथल विवि की ओर से आयोजित की गई मैराथन में पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने से धावक अनुचित साधनों का प्रयोग करते दिखाई दिए। मसलन कई धावक तो ट्रैक्टर-ट्रालियों में चढ़कर जाते हुए दिखाई दिए। वहीं कई लड़कियां तो ऐसी थी, जो विवि की बस में र्ही आइं थीं और बस ने उन्हें महाराजा अग्रसेन चौक के पास छोड़ा।
यातायात पर भी नहीं था कंट्रोल
मैराथन के दौरान यातायात पर भी कंट्रोल नहीं किया गया था। विवि से लेकर महाराजा अग्रसेन चौक तक प्रतिभागी अपनी जान हथेली में लेकर वाहनों के साथ ही दौड़े। क्योंकि यहां से वाहन को रुकवाया नहीं गया था। इसी कारण भारी वाहनों के साथ-साथ सड़क पर छात्र-छात्राओं को दौड़ लगानी पड़ी। हालांकि महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक एक साइड से वाहनों का आवागमन बंद रखा गया था।
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विवि की बस ने पूरी कराई मैराथन
मैराथन एक खेल है और खेल में चीटिंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन शुक्रवार को मुरथल विवि की ओर से आयोजित की गई मैराथन में पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने से धावक अनुचित साधनों का प्रयोग करते दिखाई दिए। मसलन कई धावक तो ट्रैक्टर-ट्रालियों में चढ़कर जाते हुए दिखाई दिए। वहीं कई लड़कियां तो ऐसी थी, जो विवि की बस में र्ही आइं थीं और बस ने उन्हें महाराजा अग्रसेन चौक के पास छोड़ा।
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यातायात पर भी नहीं था कंट्रोल
मैराथन के दौरान यातायात पर भी कंट्रोल नहीं किया गया था। विवि से लेकर महाराजा अग्रसेन चौक तक प्रतिभागी अपनी जान हथेली में लेकर वाहनों के साथ ही दौड़े। क्योंकि यहां से वाहन को रुकवाया नहीं गया था। इसी कारण भारी वाहनों के साथ-साथ सड़क पर छात्र-छात्राओं को दौड़ लगानी पड़ी। हालांकि महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक एक साइड से वाहनों का आवागमन बंद रखा गया था।
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