{"_id":"59a992844f1c1b5f738b4c62","slug":"151504285316-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी चिकित्सक पहुंचे डीसी दरबार, सीएम के नाम मांगपत्र सौंपकर 10 दिन का दिया अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी चिकित्सक पहुंचे डीसी दरबार, सीएम के नाम मांगपत्र सौंपकर 10 दिन का दिया अल्टीमेटम
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। चिकित्सकों की कमी, काम के बढ़ते बोझ सहित प्रमोशन आदि मांगों को लेकर संघर्षरत हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सक लघु सचिवालय पहुंचे। चिकित्सकों ने डीसी को सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा। सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित समय में उनकी मांगे नहीं मानी गई तो 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
एसोसिएशन में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। नए चिकित्सक सरकारी नौकरी में नहीं आ रहे हैं, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले इन-सर्विस चिकित्सकों को पीजी की सीटों पर 40 प्रतिशत का कोटा दिया जाता था, लेकिन अब इस कोटे को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन-सर्विस चिकित्सकों को रिमोट एरिया में काम करने वाले ऐसे चिकित्सकों को अलग से मेहनताना देनेे की बात कही गई थी, लेकिन प्रदेश में अभी तक एक भी चिकित्सक को लाभ नहीं मिल पाया है। चिकित्सकों को 18 से 20 वर्ष की नौकरी के बाद एसएमओ बनाया जाता है, जिस पर एक वर्ष पहले सरकार के साथ हुई वार्ता में उन्हें 10 वर्ष की नौकरी के बाद पद बदले जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार ने अभी तक एक भी आश्वासन को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 10 दिन का समय दिया गया है, यदि समय रहते मांगे पूरी नहीं की गई तो एसोसिएशन 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी।
विज्ञापन
सोनीपत। चिकित्सकों की कमी, काम के बढ़ते बोझ सहित प्रमोशन आदि मांगों को लेकर संघर्षरत हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सक लघु सचिवालय पहुंचे। चिकित्सकों ने डीसी को सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा। सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित समय में उनकी मांगे नहीं मानी गई तो 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
एसोसिएशन में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। नए चिकित्सक सरकारी नौकरी में नहीं आ रहे हैं, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले इन-सर्विस चिकित्सकों को पीजी की सीटों पर 40 प्रतिशत का कोटा दिया जाता था, लेकिन अब इस कोटे को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन-सर्विस चिकित्सकों को रिमोट एरिया में काम करने वाले ऐसे चिकित्सकों को अलग से मेहनताना देनेे की बात कही गई थी, लेकिन प्रदेश में अभी तक एक भी चिकित्सक को लाभ नहीं मिल पाया है। चिकित्सकों को 18 से 20 वर्ष की नौकरी के बाद एसएमओ बनाया जाता है, जिस पर एक वर्ष पहले सरकार के साथ हुई वार्ता में उन्हें 10 वर्ष की नौकरी के बाद पद बदले जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार ने अभी तक एक भी आश्वासन को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 10 दिन का समय दिया गया है, यदि समय रहते मांगे पूरी नहीं की गई तो एसोसिएशन 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी।
विज्ञापन