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Sirsa News: ओढां खंड में इस बार 9,600 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है सरसों की बिजाई

Sat, 08 Mar 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 08 Mar 2025 12:39 AM IST
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This time mustard has been sown in 9,600 hectares of area in Odhan block
गांव नुहियांवाली में सरसों की कटाई करता किसान। 
ओढां। पकाव के साथ रबी की फसल सरसों के कटान का कार्य शुरू हो चुका है जबकि गेहूं अगले माह तैयार होगा। ओढां खंड में इस बार 9,600 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की बिजाई की गई है। यह पिछले वर्ष से कुछ ज्यादा है।
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किसानों के मुताबिक इस बार सरसों और गेहूं की फसल अच्छी हुई है। इसका कारण मौसम अनुकूल रहना, समय पर बारिश होना और फसली रोग भी कम होना है। ऐसे में फसल भी समय पर पक गई। हालांकि अभी अगेती सरसों का कटान हो रहा है जबकि पछेती सरसों 15 मार्च तक तैयार हो जाएगी।
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गांव नुहियांवाली के किसान डॉ. जगदीश सहारण, जसराज, लीलाधर, कालु सहारण, नवनीत और रणवीर आदि ने बताया कि पिछले वर्ष फंगस और मौसम प्रतिकूल होने के कारण सरसों का उत्पादन मात्र 10 से 15 मन प्रति एकड़ ही हो पाया था जबकि इस बार 25 से 30 मन प्रति एकड़ सरसों उत्पादन की उम्मीद है।
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ओढां खंड में इस बार 33,574 हेक्टेयर में गेहूं, 9,600 हेक्टेयर में सरसों, 100 हेक्टेयर में जौ और 60 हेक्टेयर में चना की बिजाई हुई है। किसानों ने बताया कि अगर मौसम ठीक रहा तो इस बार गेहूं का उत्पादन भी अच्छा होगा। क्योंकि पिछले कुछ वर्ष से फसल अच्छी न होने से किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। इस बार अच्छी फसल देखकर किसान भी खुश हैं।

कृषि विभाग से डबवाली उपमंडल के तकनीकी सहायक डॉ. रामपाल रंगा ने बताया कि इस बार रबी की सभी फसलें अच्छी हुईं हैं। इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में एक या दो बार सिंचाई की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जब गेहूं मिल्किंग स्टेज में हो तो उसमें सिंचाई की कमी न रहे। अगर गेहूं में 1-2 बार एनपीके या 13045 का छिड़काव हो जाए तो पैदावार और भी अच्छी होगी।


डॉ. रंगा ने कहा कि खेतों में पड़ी बनछटियों को झाड़कर लंबवत या सीधी खड़ी करें और उसके बचे अवशेषों को धरती में दबा दें। इससे गुलाबी सुंडी का जीवन चक्र टूट जाएगा। क्योंकि गुलाबी सुंडी कपास और नरमे की फसल में ही जीती है।
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