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Sirsa News: भ्रष्टाचार छिपाने के लिए रातोंरात बना रहे गलियां
Sat, 19 Sep 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:21 PM IST
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यूसीएस सात की गलियां जिनकी जांच की जानी हैं उनको रातो रात बनने के डाली टाइले। संवाद
- फोटो : 1
वर्जन चाहिए
यूसीएस-7 में कच्ची गलियों में डाली इंटरलॉकिंग
यूसीएस-55 और यूसीएस-55ए की जांच में मिल चुकी हैं गलियां गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की वर्ष 2023 और 2024 में वैध हुईं कॉलोनियों में हुए विकास कार्यों की जांच बीएंडआर और मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। सोमवार को यूसीएस सात की गलियों की टीम जांच करेगी।
जांच से पहले ही रातोंरात कच्ची गलियों में बिना मैटीरियल डाले इंटरलॉकिंग टाइल बिछाने का का शुरू हो गया है। इसका खुलासा शनिवार सुबह हुआ जब पार्षद को लोगों ने कच्ची गलियों में डाली जा रहीं इंटरलॉकिंग टाइलों का फोटो भेजा।
इसके बाद पार्षदों के ग्रुप में यह तेजी से वायरल हो गई और शिकायत अधिकारियों तक पहुंच गई। इसके बाद बिना देरी किए एक्सईएन राकेश पूनिया ने मामले की जांच शुरू करवा दी। उन्होंने कहा कि जब मामले की जांच चल रही है तब इस प्रकार का काम करना गैर जिम्मेदाराना है।
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मुझे जानकारी मिली थी और सब बंद करवा दिया गया है। इस प्रकार से काम करना कहीं न कहीं साबित करता है कि वर्ष 2023 और 24 में बनी गलियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
पार्षदों के आरोपों के अनुसार 27 करोड़ रुपये के काम में 10 करोड़ के आसपास का घोटाला हुआ है जो 40 प्रतिशत काम का हिस्सा होता है। हैरानी की बात यह है कि इस प्रकार की हरकत तब की गई है जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम सिरसा में बरसाती प्रोजेक्ट की जांच कर रही थी।
वर्ष 2023-24 में शहर की 23 कॉलोनियां वैध हुई थीं
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 में शहर की 23 कॉलोनियां वैध हुई थीं। इन कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए करीब 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। विकास कार्यों की गुणवत्ता, मौके पर हुए निर्माण और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर शिकायतें मिलने के बाद अलग-अलग कॉलोनियों में जांच की जा रही है। पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री और डीसी को शिकायत देने के बाद यूसीएस-55 और यूसीएस-55ए में करवाए गए विकास कार्यों की जांच अधिकारियों की ओर से की जा चुकी है। मौके पर जाकर गलियों और सड़कों की स्थिति देखने के साथ रिकॉर्ड का भी मिलान किया गया। अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर डीसी को सौंप दी है। अब जांच का अगला चरण यूसीएस-7 में शुरू होगा। वार्ड 12 के पार्षद दीपक बंसल, वार्ड 20 के पार्षद संजीव रातुसरिया व वार्ड 20 के पार्षद राजेंद्र कुमार विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की जांच करवाने में जुटे हुए हैं।
किसके शह पर हुआ है काम जेई या अन्य अधिकारी
यूसीएस-7 में सोमवार को जांच शुरू होगी। भाखड़ा मिल के पीछे गलियों में अचानक निर्माण कार्य शुरू होने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार की ओर से रातोंरात गलियों का काम शुरू किया गया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पहले से प्रस्तावित था तो जांच से ठीक पहले काम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं, पार्षद राजेंद्र कुमार का कहना है कि इन गलियों का एक साल पहले ही भुगतान हो चुका है। अब बिना रोड़ी, बजरी आदि के सीधे तौर पर टाइल लाकर काम शुरू करना चौंकाने वाला है। सड़कों की जांच को लेकर पत्र उपायुक्त की ओर से जारी हो चुका है। भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जनता के पैसे को कुछ अधिकारियों, ठेकेदारों ने डकारने का काम किया है।
मौके और रिकॉर्ड का होगा मिलान, बनीं गलियों का लिया जाएगा फोटो
अधिकारियों का दावा है कि यूसीएस सात के दस्तावेज जांच टीम को उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। दस्तावेज की जांच और सड़कों की स्थान के आधार पर अब जांच सोमवार से शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार रविवार को भी टीम जांच के लिए मैदान में उतर सकती है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि स्वीकृत कार्य के अनुसार मौके पर निर्माण हुआ है या नहीं। इसके अलावा, सड़क की लंबाई-चौड़ाई, निर्माण की स्थिति, इस्तेमाल की गई सामग्री, कार्य की मात्रा और भुगतान से संबंधित दस्तावेज का मिलान किए जाने की उम्मीद है। यदि रिकॉर्ड और मौके पर हुए काम में अंतर मिलता है तो रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया जाएगा।
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यूसीएस-7 में कच्ची गलियों में डाली इंटरलॉकिंग
यूसीएस-55 और यूसीएस-55ए की जांच में मिल चुकी हैं गलियां गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की वर्ष 2023 और 2024 में वैध हुईं कॉलोनियों में हुए विकास कार्यों की जांच बीएंडआर और मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। सोमवार को यूसीएस सात की गलियों की टीम जांच करेगी।
जांच से पहले ही रातोंरात कच्ची गलियों में बिना मैटीरियल डाले इंटरलॉकिंग टाइल बिछाने का का शुरू हो गया है। इसका खुलासा शनिवार सुबह हुआ जब पार्षद को लोगों ने कच्ची गलियों में डाली जा रहीं इंटरलॉकिंग टाइलों का फोटो भेजा।
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इसके बाद पार्षदों के ग्रुप में यह तेजी से वायरल हो गई और शिकायत अधिकारियों तक पहुंच गई। इसके बाद बिना देरी किए एक्सईएन राकेश पूनिया ने मामले की जांच शुरू करवा दी। उन्होंने कहा कि जब मामले की जांच चल रही है तब इस प्रकार का काम करना गैर जिम्मेदाराना है।
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मुझे जानकारी मिली थी और सब बंद करवा दिया गया है। इस प्रकार से काम करना कहीं न कहीं साबित करता है कि वर्ष 2023 और 24 में बनी गलियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
पार्षदों के आरोपों के अनुसार 27 करोड़ रुपये के काम में 10 करोड़ के आसपास का घोटाला हुआ है जो 40 प्रतिशत काम का हिस्सा होता है। हैरानी की बात यह है कि इस प्रकार की हरकत तब की गई है जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम सिरसा में बरसाती प्रोजेक्ट की जांच कर रही थी।
वर्ष 2023-24 में शहर की 23 कॉलोनियां वैध हुई थीं
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 में शहर की 23 कॉलोनियां वैध हुई थीं। इन कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए करीब 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। विकास कार्यों की गुणवत्ता, मौके पर हुए निर्माण और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर शिकायतें मिलने के बाद अलग-अलग कॉलोनियों में जांच की जा रही है। पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री और डीसी को शिकायत देने के बाद यूसीएस-55 और यूसीएस-55ए में करवाए गए विकास कार्यों की जांच अधिकारियों की ओर से की जा चुकी है। मौके पर जाकर गलियों और सड़कों की स्थिति देखने के साथ रिकॉर्ड का भी मिलान किया गया। अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर डीसी को सौंप दी है। अब जांच का अगला चरण यूसीएस-7 में शुरू होगा। वार्ड 12 के पार्षद दीपक बंसल, वार्ड 20 के पार्षद संजीव रातुसरिया व वार्ड 20 के पार्षद राजेंद्र कुमार विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की जांच करवाने में जुटे हुए हैं।
किसके शह पर हुआ है काम जेई या अन्य अधिकारी
यूसीएस-7 में सोमवार को जांच शुरू होगी। भाखड़ा मिल के पीछे गलियों में अचानक निर्माण कार्य शुरू होने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार की ओर से रातोंरात गलियों का काम शुरू किया गया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पहले से प्रस्तावित था तो जांच से ठीक पहले काम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं, पार्षद राजेंद्र कुमार का कहना है कि इन गलियों का एक साल पहले ही भुगतान हो चुका है। अब बिना रोड़ी, बजरी आदि के सीधे तौर पर टाइल लाकर काम शुरू करना चौंकाने वाला है। सड़कों की जांच को लेकर पत्र उपायुक्त की ओर से जारी हो चुका है। भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जनता के पैसे को कुछ अधिकारियों, ठेकेदारों ने डकारने का काम किया है।
मौके और रिकॉर्ड का होगा मिलान, बनीं गलियों का लिया जाएगा फोटो
अधिकारियों का दावा है कि यूसीएस सात के दस्तावेज जांच टीम को उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। दस्तावेज की जांच और सड़कों की स्थान के आधार पर अब जांच सोमवार से शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार रविवार को भी टीम जांच के लिए मैदान में उतर सकती है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि स्वीकृत कार्य के अनुसार मौके पर निर्माण हुआ है या नहीं। इसके अलावा, सड़क की लंबाई-चौड़ाई, निर्माण की स्थिति, इस्तेमाल की गई सामग्री, कार्य की मात्रा और भुगतान से संबंधित दस्तावेज का मिलान किए जाने की उम्मीद है। यदि रिकॉर्ड और मौके पर हुए काम में अंतर मिलता है तो रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया जाएगा।