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दूसरे दिन भी लघु सचिवालय के समक्ष जमे रहे धरनारत किसान, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बिताई रात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:45 PM IST
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On the second day too, the farmers were on strike in front of the mini secretariat, spent the night in tractor-trolleys
लघु सचिवालय के समक्ष किसानों द्वारा लगाई गई ट्रालिया। - फोटो : Sirsa
सिरसा। खराब फसल का मुआवजा, नहरी पानी की सप्लाई का समय बढ़ाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष किसानों को दूसरे दिन भी पक्का मोर्चा जारी रहा। किसानों ने लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय के समक्ष जमकर नारेबाजी की। वहीं किसानों का कहना है दिल्ली की तरह अब वह भी सिरसा के लघु सचिवालय के समक्ष आंदोलन करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वह घर वापसी नहीं करेंगे। वहीं किसानों ने रात भी ट्रॉलियों में ही बिताई।
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शनिवार को कालांवाली हलके के किसान पक्का मोर्चा पर पहुंचे। धरने की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा कहा कि उनका पक्का मोर्चा जारी रहेगा। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे लघु सचिवालय से नहीं हटेंगे। किसानों की नरमे की फसल बारिश से पूरी तरह से तबाह हो गई। जिसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। सरकार बीमा करवाने और अन्य योजनाओं का लालच देकर किसानों से राशि तो जमा करवा लेती है लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाता। जिसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने कहा कि इस दौरान अगर प्रशासन ने उनके साथ कोई जोर जबरदस्ती की तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ सतपाल सिंह सिरसा, लखा सिंह अलीका, सुखदेव सिंह, लालंचद, राम सिंह, हरीश चंद्र, लाभ सिंह व अन्य किसान उपस्थित रहे।
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किसानों की यह है प्रमुख मांगें
गुलाबी सूंडी से खराब हुई नरमे की फसल का मुआवजा दिया जाए व बकाया बीमा क्लेम की राशि भी दी जाए। नहरी पानी में कटौती करके महीने में सात दिन चलाई जा रही हैं, जबकि पहले 15 दिन नहरें चलती थी। किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन जारी किए जाए। हाल ही में यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूरिया उपलब्ध करवाई जाए। बुढ़ापा पेंशन में कटौती की जा रही है, जिन लोगों की पेंशन बंद की गई है, उसे पुन: बहाल किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर, पीटीआई अध्यापकों की मांगों को पूरा किया जाए। पक्के खाल बनाने पर फव्वारा सिस्टम की शर्तों को हटाया जाए। बंद पड़े शैक्षणिक संस्थानों को खोला जाए।
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ट्रॉलियों में ही किसानों ने बिताई रात, लगाए टेंट
शुक्रवार को पक्का मोर्चा लगाने के बाद किसानों ने रात भी लघु सचिवालय के समक्ष खड़ी की ट्रॉलियों में बिताई। ठंड से बचाव के लिए रात को किसान अलाव का सहारा लेते हुए नजर आए। वहीं किसानों ने अब लघु सचिवालय के समक्ष तंबू लगाने भी शुरू कर दिए हैं। पक्का मोर्चा पर किसानों की संख्या बढ़ाने के लिए अब किसानों ने गांवों में अभियान भी चलाना शुरू कर दिया। गांवों में जनसंपर्क चला किसानों से पक्का मोर्चा पर पहुंचने के लिए अपील की जा रही है।

लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगा रोष प्रकट करते किसान।

लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगा रोष प्रकट करते किसान। - फोटो : Sirsa

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