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Sirsa News: धान की 25 फीसदी उठान, किसानों को होगी परेशानी
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सिरसा। जिले की अनाज मंडियों में इस बार धान की भारी आवक के बीच उठान की धीमी गति ने स्थिति को अव्यवस्थित कर दिया है। शहर की अनाज मंडी से शनिवार तक लगभग 25 प्रतिशत माल का ही उठान हो पाया है, जबकि शेष धान मंडी परिसर में ही ढेरियों व उठान के लिए बैग में भरा पड़ा है।
इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं बल्कि मंडी के आसपास के क्षेत्रों में आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। मंडी में खाली ट्राॅलियों की बढ़ती संख्या यातायात जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं। आढ़ती एसोसिएशन ने सभी आढ़तियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ट्राॅली खाली होने के बाद उसे मंडी परिसर के बाहर खाली पड़ी जगह पर खड़ा किया जाए, ताकि मंडी में कार्य सुचारू रूप से चल सके।
साथ ही रात्रि के समय आने वाली धान से भरी ट्राॅलियों को भी मंडी परिसर से बाहर खड़ा करवाया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके। एसोसिएशन ने बताया कि उठान कार्य में कमी और जाम की स्थिति को देखते हुए प्राइवेट खरीद तीन दिनों के लिए बंद रखी गई थी, जिसे सोमवार से फिर से शुरू किया जाएगा। उठान प्रक्रिया को गति देने के लिए श्रमिकों, ट्रांसपोर्टरों के बीच समन्वय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। नौ नवंबर को भी मंडी में खरीद कार्य बंद रहेगा ऐसे में केवल उठान का कार्य ही जारी रहेगा जिससे शीघ्र ही मंडी खाली होने की संभावना है।
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मंडी से सटे आवासीय क्षेत्रों में आवागमन ज्यादा प्रभावित
मंडी से सटे आवासीय इलाकों की सड़कों पर भी उपज के भरे बैग और धान की ढेरियां पड़ी होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। मंडी के मुख्य द्वार से लेकर आस-पास की कालोनियों तक ट्रालियों की कतारें देखी जा सकती हैं। इस बीच स्टाॅर्म वाटर प्रोजेक्ट के तहत डाली गई पाइपलाइन के बाद मरम्मत न होने के बाद मुख्य सड़कों पर धूल-मिट्टी के गुब्बार उड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं।
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इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं बल्कि मंडी के आसपास के क्षेत्रों में आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। मंडी में खाली ट्राॅलियों की बढ़ती संख्या यातायात जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं। आढ़ती एसोसिएशन ने सभी आढ़तियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ट्राॅली खाली होने के बाद उसे मंडी परिसर के बाहर खाली पड़ी जगह पर खड़ा किया जाए, ताकि मंडी में कार्य सुचारू रूप से चल सके।
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साथ ही रात्रि के समय आने वाली धान से भरी ट्राॅलियों को भी मंडी परिसर से बाहर खड़ा करवाया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके। एसोसिएशन ने बताया कि उठान कार्य में कमी और जाम की स्थिति को देखते हुए प्राइवेट खरीद तीन दिनों के लिए बंद रखी गई थी, जिसे सोमवार से फिर से शुरू किया जाएगा। उठान प्रक्रिया को गति देने के लिए श्रमिकों, ट्रांसपोर्टरों के बीच समन्वय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। नौ नवंबर को भी मंडी में खरीद कार्य बंद रहेगा ऐसे में केवल उठान का कार्य ही जारी रहेगा जिससे शीघ्र ही मंडी खाली होने की संभावना है।
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मंडी से सटे आवासीय क्षेत्रों में आवागमन ज्यादा प्रभावित
मंडी से सटे आवासीय इलाकों की सड़कों पर भी उपज के भरे बैग और धान की ढेरियां पड़ी होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। मंडी के मुख्य द्वार से लेकर आस-पास की कालोनियों तक ट्रालियों की कतारें देखी जा सकती हैं। इस बीच स्टाॅर्म वाटर प्रोजेक्ट के तहत डाली गई पाइपलाइन के बाद मरम्मत न होने के बाद मुख्य सड़कों पर धूल-मिट्टी के गुब्बार उड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं।