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डेरा प्रमुख राम रहीम को पांच मामलों में से चार में हुई सजा, अब एक पेंडिंग
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सतनाम चौक पर तैनात आरएएफ के जवान
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के खिलाफ सीबीआई न्यायालय में चार अलग-अलग केस की सुनवाई चल रही थी। इनमें साध्वी यौन शोषण के दो केस, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड और रणजीत सिंह हत्या मामला शामिल है। इसके अलावा एक साधु नपुंसक बनाने का मामला भी विचाराधीन है।
सोमवार को रणजीत सिंह हत्या मामले में न्यायालय ने गुरमीत सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इससे पहले साध्वी यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए 10-10 साल की सजा न्यायालय की ओर से सुनाई जा चुकी है। जबकि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में गुरमीत सिंह को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। अब रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में भी उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये चारों मामले सीबीआई की कोर्ट में विचाराधीन थे। अब साधु नपुंसक बनाने का मामला विचाराधीन रह गया है जो सीबीआई कोर्ट की बजाय दूसरे न्यायालय में विचाराधीन है।
बेशक देरी आया लेकिन फैसला सराहनीय : छत्रपति
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने रणजीत सिंह हत्या मामले पर आए फैसले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पीड़ित परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। न्यायालय का फैसला सराहनीय है। बेशक, फैसला 19 साल बाद आया है, लेकिन फिर भी न्यायालय के फैसले से साबित हो गया है कि अपराधी कुछ समय तक छिप सकता है लेकिन बच नहीं सकता। दिवंगत रणजीत सिंह की हत्या के बाद सजा दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले उनके पिता जोगेंद्र सिंह आज इस दुनिया में नहीं है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि यदि वे आज यहां होते तो उन्हें तसल्ली होती आखिर न्याय मिला।
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डेरा क्षेत्र में पुलिस फोर्स की चार कंपनियां रही तैनात, डेरा में भी कम दिखे श्रद्धालु
रणजीत सिंह हत्या मामले को लेकर सीबीआई कोर्ट की ओर से डेरा प्रमुख सहित पांच सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट द्वारा दिए जाने वाल फैसले को लेकर सिरसा पुलिस दिनभर अलर्ट पर रही। प्रशासन की ओर से डेरा क्षेत्र में चार पुलिस की कंपनियों को तैनात किया गया और आवाजाही पर निगरानी रखी गई। वहीं सोमवार को दिनभर डेरा क्षेत्र की सभी दुकानें भी खुली दिखाई दी। जबकि डेरे में पहले के मुकाबले कम श्रद्धालु ही आते-जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस की ओर से तीन स्थानों पर नाके लगाए गए थे। नाकों पर आरएएफ और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। वहीं पुलिस कर्मी संदिग्ध वाहन चालकों पर भी नजर रखे रहे। ऐसे में पुलिस की ओर से वाहनों की जांच भी की गई। ताकि कोई भी शरारती तत्व उत्पात न मचा सके।
डेरा क्षेत्र में तीन स्थानों पर लगाए गए नाके
डेरा क्षेत्र में अधिक लोग एकत्र न हो इसके लिए प्रशासन की ओर से तीन स्थानों पर नाके लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी डेरा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ संपर्क रखा गया और डेरे में अधिक लोग एकत्र न होने देने के निर्देश भी दिए गए।
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सोमवार को रणजीत सिंह हत्या मामले में न्यायालय ने गुरमीत सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इससे पहले साध्वी यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए 10-10 साल की सजा न्यायालय की ओर से सुनाई जा चुकी है। जबकि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में गुरमीत सिंह को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। अब रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में भी उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये चारों मामले सीबीआई की कोर्ट में विचाराधीन थे। अब साधु नपुंसक बनाने का मामला विचाराधीन रह गया है जो सीबीआई कोर्ट की बजाय दूसरे न्यायालय में विचाराधीन है।
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बेशक देरी आया लेकिन फैसला सराहनीय : छत्रपति
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने रणजीत सिंह हत्या मामले पर आए फैसले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पीड़ित परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। न्यायालय का फैसला सराहनीय है। बेशक, फैसला 19 साल बाद आया है, लेकिन फिर भी न्यायालय के फैसले से साबित हो गया है कि अपराधी कुछ समय तक छिप सकता है लेकिन बच नहीं सकता। दिवंगत रणजीत सिंह की हत्या के बाद सजा दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले उनके पिता जोगेंद्र सिंह आज इस दुनिया में नहीं है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि यदि वे आज यहां होते तो उन्हें तसल्ली होती आखिर न्याय मिला।
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डेरा क्षेत्र में पुलिस फोर्स की चार कंपनियां रही तैनात, डेरा में भी कम दिखे श्रद्धालु
रणजीत सिंह हत्या मामले को लेकर सीबीआई कोर्ट की ओर से डेरा प्रमुख सहित पांच सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट द्वारा दिए जाने वाल फैसले को लेकर सिरसा पुलिस दिनभर अलर्ट पर रही। प्रशासन की ओर से डेरा क्षेत्र में चार पुलिस की कंपनियों को तैनात किया गया और आवाजाही पर निगरानी रखी गई। वहीं सोमवार को दिनभर डेरा क्षेत्र की सभी दुकानें भी खुली दिखाई दी। जबकि डेरे में पहले के मुकाबले कम श्रद्धालु ही आते-जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस की ओर से तीन स्थानों पर नाके लगाए गए थे। नाकों पर आरएएफ और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। वहीं पुलिस कर्मी संदिग्ध वाहन चालकों पर भी नजर रखे रहे। ऐसे में पुलिस की ओर से वाहनों की जांच भी की गई। ताकि कोई भी शरारती तत्व उत्पात न मचा सके।
डेरा क्षेत्र में तीन स्थानों पर लगाए गए नाके
डेरा क्षेत्र में अधिक लोग एकत्र न हो इसके लिए प्रशासन की ओर से तीन स्थानों पर नाके लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी डेरा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ संपर्क रखा गया और डेरे में अधिक लोग एकत्र न होने देने के निर्देश भी दिए गए।

डेरा क्षेत्र में तैनात पुलिस जवान- फोटो : Sirsa