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डेरा प्रकरण: दोनों आरोपियों ने पूछताछ में नहीं किया कोई सहयोग
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के बाद 25 अगस्त को सिरसा और पंचकूला में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार हुए डेरा प्रमुख की सिक्योरिटी प्रभारी कर्मजीत सिंह उर्फ हैप्पी और पीए राकेश कुमार की रिमांड के दो दिन शेष हैं और अभी तक कुछ भी निकलकर नहीं आया है। ऐसे में एसआईटी और पसीना बहाना होगा।
डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह की सिक्योरिटी इंचार्ज कर्मजीत सिंह उर्फ हैप्पी और पीए राकेश कुमार को सिरसा पुलिस ने मंगलवार को अंबाला से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी, जिन्हें मंगलवार को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया था। रिमांड के पहले दिन ही पुलिस को पसीने बहाने पडे़, क्योंकि दोनों ही आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस का सहयोग नहीं किया है। पुलिस दोनों से आगजनी और हिंसा को लेकर डेरा में तैयार की गई रणनीति के बारे में जानना चाहती थी। बताया गया कि दोनों ने पुलिस के हर जवाब को टाल दिया एक ही जवाब दिया पता नहीं।
सिरसा एसआईटी इंचार्ज डीएसपी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पहले दिन दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ में कोई विशेष जानकारी हासिल नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पूछताछ का सिलसिला जारी है। दोेनों ही आरोपी डेरा प्रमुख के करीबी और राजदार भी हैं। पुलिस इस बात का पता लगाना चाहती है कि हिंसा के लिए रणनीति बनाने को लेकर आयोजित बैठक में क्या दोनों शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि डेरा से कब और किसने सामान निकालने में मदद की। डीएसपी ने बताया कि वीरवार को दोनों आरोपियों को शहर थाना पुलिस डेरा सच्चा सौदा में ले जाकर निशानदेही करवाएगी। उधर, मंगलवार शाम को डेरा चेयरपर्सन विपासना इंसां के संबंध में भी पंचकूला एसआईटी सिरसा सिटी थाने में आई थी और उसके बारे में जानकारी लेकर चली गई। दूसरी ओर बताया गया कि आगजनी और हिंसा के दौरान सिरसा में 13.50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
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सिरसा।
डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के बाद 25 अगस्त को सिरसा और पंचकूला में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार हुए डेरा प्रमुख की सिक्योरिटी प्रभारी कर्मजीत सिंह उर्फ हैप्पी और पीए राकेश कुमार की रिमांड के दो दिन शेष हैं और अभी तक कुछ भी निकलकर नहीं आया है। ऐसे में एसआईटी और पसीना बहाना होगा।
डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह की सिक्योरिटी इंचार्ज कर्मजीत सिंह उर्फ हैप्पी और पीए राकेश कुमार को सिरसा पुलिस ने मंगलवार को अंबाला से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी, जिन्हें मंगलवार को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया था। रिमांड के पहले दिन ही पुलिस को पसीने बहाने पडे़, क्योंकि दोनों ही आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस का सहयोग नहीं किया है। पुलिस दोनों से आगजनी और हिंसा को लेकर डेरा में तैयार की गई रणनीति के बारे में जानना चाहती थी। बताया गया कि दोनों ने पुलिस के हर जवाब को टाल दिया एक ही जवाब दिया पता नहीं।
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सिरसा एसआईटी इंचार्ज डीएसपी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पहले दिन दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ में कोई विशेष जानकारी हासिल नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पूछताछ का सिलसिला जारी है। दोेनों ही आरोपी डेरा प्रमुख के करीबी और राजदार भी हैं। पुलिस इस बात का पता लगाना चाहती है कि हिंसा के लिए रणनीति बनाने को लेकर आयोजित बैठक में क्या दोनों शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि डेरा से कब और किसने सामान निकालने में मदद की। डीएसपी ने बताया कि वीरवार को दोनों आरोपियों को शहर थाना पुलिस डेरा सच्चा सौदा में ले जाकर निशानदेही करवाएगी। उधर, मंगलवार शाम को डेरा चेयरपर्सन विपासना इंसां के संबंध में भी पंचकूला एसआईटी सिरसा सिटी थाने में आई थी और उसके बारे में जानकारी लेकर चली गई। दूसरी ओर बताया गया कि आगजनी और हिंसा के दौरान सिरसा में 13.50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
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