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पिता-पुत्र की मौत से नाराज परिजनों ने नहीं किया दोनों का दाह संस्कार
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ओढां। गांव ओढां में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में बुधवार सुबह करंट लगने से हुए हादसे में एक छात्र व 2 आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों सहित 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक तीनों मेें से 2 आपस में पिता-पुत्र थे।
कॉलेज के चौकीदार में लगी स्ट्रीट लाइट खराब होने की सूचना दी थी। जिसकेे चलते बुधवार सुबह करीब सवा 9 बजे इलेक्ट्रिक ट्रेड के प्रशिक्षक गुरदास सिंह ने इलेक्ट्रिक के छात्रों को स्ट्रीट लाइट को ठीक करने के उद्देश्य से लोहे का सीढ़ीनुमा बड़ा स्टैंड लाने के लिए कहा था। भारी स्टेंड को जंडवाला जटान निवासी लवप्रीत सिंह, नुहियांवाली निवासी रमेश कुमार, आउटसोर्सिंग कर्मचारी इन्द्रपाल व उसके पुत्र केवल सिंह को सहायता के लिए बुलाया। स्टैंड टेढ़ा होकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार को छू गया। हादसे में 19 वर्षीय छात्र लवप्रीत की जलने से मौके पर ही मौत हो गई। आउटसोर्सिंग कर्मचारी करीब 47 वर्षीय इन्द्रपाल व उसके 19 वर्षीय बेटे केवल की भी मौत हो गई। नुहियांवाली निवासी करीब 20 साल का रमेश कुमार बुरी तरह से झुलस गया। पुलिस ने ओढां निवासी मृतक इन्द्रपाल के भाई प्रेम कुमार व जंडवाला जटान निवासी मृतक लवप्रीत के पिता गुरमेल सिंह दोनों के ब्यान दर्ज किए। परिजनों ने इस घटना के लिए कॉलेज प्रशासन को दोषी ठहराया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों के ब्यान पर कॉलेज के जीआई प्रेम सिंह के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं इस घटना के बाद सीन-ऑफ-क्राइम की टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
दाह संस्कार न करने पर अड़े परिजन
बुधवार देर सांय इंद्रपाल व उसके पुत्र केवल का शव गांव में पहुंचा तो हर तरफ मातम व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रोष का माहौल था। परिजनों ने यह कहकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया कि जब तक लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और परिजनों को कोई सरकारी नौकरी देने का आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे संस्कार नहीं करेंगे। सूचना के बाद एसडीएम कालांवाली मनोज खत्री, डीएसपी कालांवाली व डबवाली सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों ने कहा कि घर मेें पिता-पुत्र दोनों ही कमाने वाले थे जिनकी मौत हो जाने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। मौके पर मौजूद भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने कुछ मौजिज व्यक्तियों को बातचीत के लिए बुलाया। कई घंटों चली जदोजहद के बाद भी परिजन नहीं माने। जिसके बाद ग्रामीण आईटीआई में धरने पर बैठ गए। वहीं सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी व भाजपा नेता देव कुमार शर्मा भी परिजनों से बातचीत करने के लिए पहुंचे। लेकिन परिजनों ने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया। परिजनों ने शवों का दाह संस्कार भी नहीं किया। एसडीएम मुकेश खत्री ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोनों कर्मचारी आऊटसोर्सिंग पर कार्यरत थे और उनके परिवार के किसी सदस्यों को इसी के तहत नौकरी पर लगवाया जाएगा। लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण प्रशासन अभी कुछ नहीं कर सकता। लेकिन परिजन उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। बेटे और पौत्र के शव देखकर दादा बोला भगवान ये दिन दिखाने से पूर्व मुझे उठा लेता :
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मृतक इंद्रपाल का घर आईटीआई के सामने स्थित है। कपड़ा सिलाई का कार्य करने वाला इंद्रपाल 2015 से आईटीआई शुरू होने के बाद से आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। करीब 6 माह पूर्व उसके बेटे को भी आउटसोर्सिंग पद पर रख लिया गया था। दोनों पिता-पुत्र जैसे-तैसे परिवार का लालन-पालन कर रहे थे। पिता-पुत्र दोनों के शव जब गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों के आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे थे। 80 वर्षीय बस्ती राम ने रोते हुए कहा कि भगवान ये दिन दिखाने से पूर्व मुझे उठा लेता।
किसी ने नहीं ली सुध
इस हादसे मेें जहां कॉलेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है तो वहीं प्रशासन का रवैया भी लापरवाह पूर्ण रहा। इस हादसे में जिंदगी व मौत से जूझ रहे नुहियांवाली निवासी रमेश कुमार की कॉलेज प्रशासन व किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। उसके पिता देवीलाल, चाचा राजपाल व धर्मपाल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारी ने होंसला देना तो दूर कुशलक्षेम तक जानने की कोशिश नहीं की।
आंखों के सामने घटा मंजर : भोला सिंह
घटना के वक्त मौके पर मौजूद भोला सिंह के अनुसार उसकी आंखों के सामने ये पूरा मंजर घटा। उसने बताया कि करीब 10 मिनट के अंतराल में करंट ने तीनों की जान ले ली। वहीं मोटर मेकेनिक ट्रेड के छात्र छतरियां निवासी अजय कुमार के अनुसार तेज धुआं उठने के बाद जब वह क्लास से बाहर आया तो उसने देखा कि आग से चारों लोग बुरी तरह से जल रहे थे।
कोट्स
- स्ट्रीट लाइट 2-3 दिन से खराब थी। जिसकी शिकायत चौकीदार ने दी थी। बुधवार को लाइट ठीक करने के लिए लोहे का स्टैंड लाते समय ये हादसा हुआ। घटना के समय मैं और प्राचार्य दोनों ऊपरी मंजिल पर सीवरेज की बंद पड़ी लाईन को देखने के लिए गए हुए थे। मुझे एक कर्मचारी ने घटना की जानकारी दी। जिसके बाद मैंने बिजली बंद करने के लिए फोन किया। इस हादसे का हम सभी को बहुत दु:ख है।
--प्रेम सिंह, वर्ग अनुदेशक
इलैक्ट्रिक ट्रैड में 19 छात्र हैं। मैंने खराब लाइट ठीक करने के लिए छात्रों को स्टैंड लाने के लिए कहा था। स्टैंड काफी वजनी होने के कारण छात्र व 2 आउटसोर्सिंग कर्मचारी उसे धकेल रहे थे। स्टैंड का एक टायर धंस जाने के कारण वह टेढ़ा होकर विद्युत लाइन से छू गया।
-गुरदास सिंह, इलेक्ट्रिक ट्रेड प्रशिक्षक
बॉक्स :- मृतकों के परिजनों के ब्यान पर कॉलेज के वर्ग अनुदेशक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर कहां और किसने लापरवाही बरती। जांच के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
--पवन कुमार, थाना प्रभारी ओढ़ां।
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कॉलेज के चौकीदार में लगी स्ट्रीट लाइट खराब होने की सूचना दी थी। जिसकेे चलते बुधवार सुबह करीब सवा 9 बजे इलेक्ट्रिक ट्रेड के प्रशिक्षक गुरदास सिंह ने इलेक्ट्रिक के छात्रों को स्ट्रीट लाइट को ठीक करने के उद्देश्य से लोहे का सीढ़ीनुमा बड़ा स्टैंड लाने के लिए कहा था। भारी स्टेंड को जंडवाला जटान निवासी लवप्रीत सिंह, नुहियांवाली निवासी रमेश कुमार, आउटसोर्सिंग कर्मचारी इन्द्रपाल व उसके पुत्र केवल सिंह को सहायता के लिए बुलाया। स्टैंड टेढ़ा होकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार को छू गया। हादसे में 19 वर्षीय छात्र लवप्रीत की जलने से मौके पर ही मौत हो गई। आउटसोर्सिंग कर्मचारी करीब 47 वर्षीय इन्द्रपाल व उसके 19 वर्षीय बेटे केवल की भी मौत हो गई। नुहियांवाली निवासी करीब 20 साल का रमेश कुमार बुरी तरह से झुलस गया। पुलिस ने ओढां निवासी मृतक इन्द्रपाल के भाई प्रेम कुमार व जंडवाला जटान निवासी मृतक लवप्रीत के पिता गुरमेल सिंह दोनों के ब्यान दर्ज किए। परिजनों ने इस घटना के लिए कॉलेज प्रशासन को दोषी ठहराया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों के ब्यान पर कॉलेज के जीआई प्रेम सिंह के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं इस घटना के बाद सीन-ऑफ-क्राइम की टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
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दाह संस्कार न करने पर अड़े परिजन
बुधवार देर सांय इंद्रपाल व उसके पुत्र केवल का शव गांव में पहुंचा तो हर तरफ मातम व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रोष का माहौल था। परिजनों ने यह कहकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया कि जब तक लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और परिजनों को कोई सरकारी नौकरी देने का आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे संस्कार नहीं करेंगे। सूचना के बाद एसडीएम कालांवाली मनोज खत्री, डीएसपी कालांवाली व डबवाली सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों ने कहा कि घर मेें पिता-पुत्र दोनों ही कमाने वाले थे जिनकी मौत हो जाने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। मौके पर मौजूद भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने कुछ मौजिज व्यक्तियों को बातचीत के लिए बुलाया। कई घंटों चली जदोजहद के बाद भी परिजन नहीं माने। जिसके बाद ग्रामीण आईटीआई में धरने पर बैठ गए। वहीं सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी व भाजपा नेता देव कुमार शर्मा भी परिजनों से बातचीत करने के लिए पहुंचे। लेकिन परिजनों ने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया। परिजनों ने शवों का दाह संस्कार भी नहीं किया। एसडीएम मुकेश खत्री ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोनों कर्मचारी आऊटसोर्सिंग पर कार्यरत थे और उनके परिवार के किसी सदस्यों को इसी के तहत नौकरी पर लगवाया जाएगा। लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण प्रशासन अभी कुछ नहीं कर सकता। लेकिन परिजन उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। बेटे और पौत्र के शव देखकर दादा बोला भगवान ये दिन दिखाने से पूर्व मुझे उठा लेता :
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मृतक इंद्रपाल का घर आईटीआई के सामने स्थित है। कपड़ा सिलाई का कार्य करने वाला इंद्रपाल 2015 से आईटीआई शुरू होने के बाद से आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। करीब 6 माह पूर्व उसके बेटे को भी आउटसोर्सिंग पद पर रख लिया गया था। दोनों पिता-पुत्र जैसे-तैसे परिवार का लालन-पालन कर रहे थे। पिता-पुत्र दोनों के शव जब गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों के आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे थे। 80 वर्षीय बस्ती राम ने रोते हुए कहा कि भगवान ये दिन दिखाने से पूर्व मुझे उठा लेता।
किसी ने नहीं ली सुध
इस हादसे मेें जहां कॉलेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है तो वहीं प्रशासन का रवैया भी लापरवाह पूर्ण रहा। इस हादसे में जिंदगी व मौत से जूझ रहे नुहियांवाली निवासी रमेश कुमार की कॉलेज प्रशासन व किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। उसके पिता देवीलाल, चाचा राजपाल व धर्मपाल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारी ने होंसला देना तो दूर कुशलक्षेम तक जानने की कोशिश नहीं की।
आंखों के सामने घटा मंजर : भोला सिंह
घटना के वक्त मौके पर मौजूद भोला सिंह के अनुसार उसकी आंखों के सामने ये पूरा मंजर घटा। उसने बताया कि करीब 10 मिनट के अंतराल में करंट ने तीनों की जान ले ली। वहीं मोटर मेकेनिक ट्रेड के छात्र छतरियां निवासी अजय कुमार के अनुसार तेज धुआं उठने के बाद जब वह क्लास से बाहर आया तो उसने देखा कि आग से चारों लोग बुरी तरह से जल रहे थे।
कोट्स
- स्ट्रीट लाइट 2-3 दिन से खराब थी। जिसकी शिकायत चौकीदार ने दी थी। बुधवार को लाइट ठीक करने के लिए लोहे का स्टैंड लाते समय ये हादसा हुआ। घटना के समय मैं और प्राचार्य दोनों ऊपरी मंजिल पर सीवरेज की बंद पड़ी लाईन को देखने के लिए गए हुए थे। मुझे एक कर्मचारी ने घटना की जानकारी दी। जिसके बाद मैंने बिजली बंद करने के लिए फोन किया। इस हादसे का हम सभी को बहुत दु:ख है।
--प्रेम सिंह, वर्ग अनुदेशक
इलैक्ट्रिक ट्रैड में 19 छात्र हैं। मैंने खराब लाइट ठीक करने के लिए छात्रों को स्टैंड लाने के लिए कहा था। स्टैंड काफी वजनी होने के कारण छात्र व 2 आउटसोर्सिंग कर्मचारी उसे धकेल रहे थे। स्टैंड का एक टायर धंस जाने के कारण वह टेढ़ा होकर विद्युत लाइन से छू गया।
-गुरदास सिंह, इलेक्ट्रिक ट्रेड प्रशिक्षक
बॉक्स :- मृतकों के परिजनों के ब्यान पर कॉलेज के वर्ग अनुदेशक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर कहां और किसने लापरवाही बरती। जांच के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
--पवन कुमार, थाना प्रभारी ओढ़ां।