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सुखा सिंह हत्याकांड:
Updated Sun, 08 Apr 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या की दोषी पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। खास बात यह है कि सजा का फैसला सुनने के लिए कोर्ट में पेश होते समय दोनों पुलिस कर्मियों को उलझते रहे। दोनों को संभावित सजा का पहले से ही एहसास था जिस वजह से वे गारद में शामिल पुलिस कर्मियों को ही बुरा भला कहते रहे। अदालत ने जैसे ही उम्रकैद का फैसला सुनाया। कटघरे में ही हत्या की दोषी पत्नी के आंखों से आंसू निकल आए।
मामले के अनुसार गांव अलीकां निवासी सुखा सिंह की पत्नी वीरपाल कौर का गांव नागोकी निवासी गुरजीत सिंह उर्फ गीता के साथ प्रेम प्रसंग था। अप्रैल 2015 को वीरवार कौर अपने पति का घर छोड़कर गुरजीत सिंह के पास चली गई। 22 अप्रैल 2015 को सुखा सिंह अपने चचेरे भाई जंटा सिंह के साथ अपनी को वापस लाने गुरजीत सिंह की ढाणी गया था। सुखा सिंह को देखते ही वीरपाल कौर और गुरजीत सिंह ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे सुखा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बड़ागुढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जंटा सिंह के बयान दर्ज कर हत्यारोपी वीरपाल कौर और गुरजीत सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दोनों गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगभूषण गुप्ता ने वीरपाल कौर व गुरजीत सिंह को उम्रकैद सुना दी।
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सिरसा।
प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या की दोषी पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। खास बात यह है कि सजा का फैसला सुनने के लिए कोर्ट में पेश होते समय दोनों पुलिस कर्मियों को उलझते रहे। दोनों को संभावित सजा का पहले से ही एहसास था जिस वजह से वे गारद में शामिल पुलिस कर्मियों को ही बुरा भला कहते रहे। अदालत ने जैसे ही उम्रकैद का फैसला सुनाया। कटघरे में ही हत्या की दोषी पत्नी के आंखों से आंसू निकल आए।
मामले के अनुसार गांव अलीकां निवासी सुखा सिंह की पत्नी वीरपाल कौर का गांव नागोकी निवासी गुरजीत सिंह उर्फ गीता के साथ प्रेम प्रसंग था। अप्रैल 2015 को वीरवार कौर अपने पति का घर छोड़कर गुरजीत सिंह के पास चली गई। 22 अप्रैल 2015 को सुखा सिंह अपने चचेरे भाई जंटा सिंह के साथ अपनी को वापस लाने गुरजीत सिंह की ढाणी गया था। सुखा सिंह को देखते ही वीरपाल कौर और गुरजीत सिंह ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे सुखा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बड़ागुढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जंटा सिंह के बयान दर्ज कर हत्यारोपी वीरपाल कौर और गुरजीत सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दोनों गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगभूषण गुप्ता ने वीरपाल कौर व गुरजीत सिंह को उम्रकैद सुना दी।
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