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आशा वर्कर्स की चेतावनी: मांगे पूरी न हुई तो जेल जाने को भी तैयार है हम
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
विभिन्न मांगों को लेकर जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को आशा वर्कर्स का धरन प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें न मानी तो वे जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकती है।
धरने की अध्यक्षता कलावती और मंच का संचालन मंजू रानी ने किया। धरने को संबोधित करते हुए प्रधान कलावती ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जाती तब तक वे सरकार के खिलाफ अड़े रहेंगे। अगर जल्द ही मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठी आशा वर्करों की मांगें हैं कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, न्यूनतम वेतनमान 18000 मिले, सरकार 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करें, परियोजना का निजीकरण बंद हो, सभी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। धरने को संबोधित करते हुए कलावती, सिलोचना, रोशनी, विद्या, रेखा, आशा, दर्शना, सरोज और सीमा आदि ने कहा कि देशभर के अन्य जिलों में आशाओं का वेतन हरियाणा की आशाओं से कही अधिक है। हरियाणा में आशाओं का वेतन मात्र 1000 रुपये हैं। इसका मतलब है हरियाणा सरकार सो रही है। प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से भारत विश्व में चौथे स्थान पर है, लेकिन यह बड़े दुख की बात है कि भारत देश में आशाओं का वेतन न के बराबर है।
मंजू रानी ने कहा कि यदि हमारी मांगें पूरी न हुई तो आशाओं का यह धरना 30 जनवरी को पूरी तरह से जेल भरो आंदोलन में बदल जाएगा। इतना ही नही यदि हमारी मांगें पूरी न हुईं तो आगे और भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा। आशाओं के धरने को सीटू के जिला सचिव विजय ढूकड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ और कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम शास्त्री ने न केवल समर्थन दिया, बल्कि उनकी इस लड़ाई में उन्हें पूरा सहयोग देने की बात की और धरने को पूरे जोश के साथ संबोधित किया।
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मांगों की पूर्ति के लिए करवाई अरदास
महिलाओं ने मांगें पूरी करने के लिए भगवान पर विश्वास दिखाते हुए धरने पर अरदास करवाई, जिसमें आशाओं ने भगवान से मन्नत मांगी की उनकी मांगे जल्द ही पूरी हों व आज की राज्य की प्रबंध निदेशक के साथ मीटिंग में उनके पक्ष में फैसला आए। इस दौैरान प्रधान कलावती ने कहा कि सरकार ने तो कान, आंख बंद कर रखे हैं, लेकिन जब भगवान उनके साथ हैं तो उन्हें उनका हक मिलकर ही रहेगा।
सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को जिला सिरसा के नागरिक अस्पताल में सीएमओ को ज्ञापन सौंपा और मांगों को उन्हें बताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम हमारे हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी मांगें भी जायज हैं कोई भी मांग नाजायज नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंका
सिरसा जिला महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष रीना बीरट ने सोमवार को सरकारी अस्पताल में आशा वर्कर के समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला दहन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हरियाणा सरकार ने प्रदेश व जिले के लोगों की इसी प्रकार अनदेखी कि तो वे बड़े स्तर इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिसकी जिम्मेवार सरकार होगी।
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सिरसा।
विभिन्न मांगों को लेकर जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को आशा वर्कर्स का धरन प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें न मानी तो वे जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकती है।
धरने की अध्यक्षता कलावती और मंच का संचालन मंजू रानी ने किया। धरने को संबोधित करते हुए प्रधान कलावती ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जाती तब तक वे सरकार के खिलाफ अड़े रहेंगे। अगर जल्द ही मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठी आशा वर्करों की मांगें हैं कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, न्यूनतम वेतनमान 18000 मिले, सरकार 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करें, परियोजना का निजीकरण बंद हो, सभी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। धरने को संबोधित करते हुए कलावती, सिलोचना, रोशनी, विद्या, रेखा, आशा, दर्शना, सरोज और सीमा आदि ने कहा कि देशभर के अन्य जिलों में आशाओं का वेतन हरियाणा की आशाओं से कही अधिक है। हरियाणा में आशाओं का वेतन मात्र 1000 रुपये हैं। इसका मतलब है हरियाणा सरकार सो रही है। प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से भारत विश्व में चौथे स्थान पर है, लेकिन यह बड़े दुख की बात है कि भारत देश में आशाओं का वेतन न के बराबर है।
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मंजू रानी ने कहा कि यदि हमारी मांगें पूरी न हुई तो आशाओं का यह धरना 30 जनवरी को पूरी तरह से जेल भरो आंदोलन में बदल जाएगा। इतना ही नही यदि हमारी मांगें पूरी न हुईं तो आगे और भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा। आशाओं के धरने को सीटू के जिला सचिव विजय ढूकड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ और कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम शास्त्री ने न केवल समर्थन दिया, बल्कि उनकी इस लड़ाई में उन्हें पूरा सहयोग देने की बात की और धरने को पूरे जोश के साथ संबोधित किया।
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मांगों की पूर्ति के लिए करवाई अरदास
महिलाओं ने मांगें पूरी करने के लिए भगवान पर विश्वास दिखाते हुए धरने पर अरदास करवाई, जिसमें आशाओं ने भगवान से मन्नत मांगी की उनकी मांगे जल्द ही पूरी हों व आज की राज्य की प्रबंध निदेशक के साथ मीटिंग में उनके पक्ष में फैसला आए। इस दौैरान प्रधान कलावती ने कहा कि सरकार ने तो कान, आंख बंद कर रखे हैं, लेकिन जब भगवान उनके साथ हैं तो उन्हें उनका हक मिलकर ही रहेगा।
सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को जिला सिरसा के नागरिक अस्पताल में सीएमओ को ज्ञापन सौंपा और मांगों को उन्हें बताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम हमारे हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी मांगें भी जायज हैं कोई भी मांग नाजायज नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंका
सिरसा जिला महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष रीना बीरट ने सोमवार को सरकारी अस्पताल में आशा वर्कर के समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला दहन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हरियाणा सरकार ने प्रदेश व जिले के लोगों की इसी प्रकार अनदेखी कि तो वे बड़े स्तर इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिसकी जिम्मेवार सरकार होगी।