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हड़ताल पर अड़े रहे 400 एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त

Thu, 28 Feb 2019 02:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2019 02:04 AM IST
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हड़ताल पर अड़े रहे 400 एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
नोटिस जारी करने के बाद 160 एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटे
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग में बुधवार को 160 एनएचएम कर्मचारी वापस लौट आए है। इससे पहले मंगलवार को 32 कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग कर ली थी। इसकी पुष्टि नागरिक अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने की। अभी तक 192 कर्मचारी ही ड्यूटी पर लौटे। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिला स्वास्थ्य विभाग में 592 एनएचएम कर्मचारी कार्यरत थे। विभाग के नोटिस जारी करने के बाद बुधवार को 160 ओर कर्मचारी काम पर लौटे। उन्होंने बताया कि हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पहले ही सचेत कर दिया गया था कि वे बुधवार सुबह दस बजे तक ड्यूटी पर लौट आए अन्यथा उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए बुधवार को सर्व कर्मचारी महासंघ व बिजली कर्मचारी यूनियन के कर्मचारी पहुंचे। इस दौरान इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन लाल खोथ ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सर्व कर्मचारी संघ एनएचएम कर्मचारियों के साथ है। खोथ ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों को शोषण कर रही है और सरकारी विभागों को निजीकरण करना चाहती है जिसके चलते मजबूरन कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़ता है। एनएचएम संघ के जिला प्रधान कुंदन गावड़िया सरकार के नुमाइंदे , एनएचएम कर्मचारियों की गलत फीडबैक दे रहे है जिसके चलते सरकार एनएचएम कर्मचारियों से बातचीत करने के मूड में नहीं नजर आ रही। प्रधान कुंदन गावड़िया का कहना है कि जब तक सरकार एनएचएम कर्मचारियों की मांग नहीं मान लेती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बतां दे कि सातवें वेतन और सेवा नियम में संशोधन की मांग को लेकर प्रदेश भर के एनएचएम कर्मचारी पिछले 23 दिनों से हड़ताल पर है। जिसमें सिरसा जिले में 592 कर्मचारी शामिल है। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है।
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गर्भवती महिलाओं का नहीं हो रहा टीकाकरण
पिछले 23 दिन से प्रदेश भर के एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों सीएचसी और पीएचसी पर स्टाफ नहीं होने के कारण लोग इलाज करवाएं बगैर लौट रहे है। यहीं नहीं गर्भवती महिलाओं व बच्चों को विभिन्न बीमारियों के बचाव के लिए गाए जाने वाले टीके भी नहीं लग रहे है। छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को प्राइवेट अस्पतालों को रुख करना पड़ रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे है कि एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जा रही है।
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वर्जन
मुख्यालय के आदेशानुसार हड़ताली कर्मचारियों को बुधवार सुबह दस बजे तक काम पर लौट आने का अंतिम मौका दिया गया था। लेकिन बुधवार तक कुल 192 कर्मचारी ही काम पर लौटे। शेष को बर्खास्त कर दिया गया है। एनएचएम मुख्यालय से सिविल सर्जन के पास नई वैकेंसी निकालने के भी आदेश आए है।
-डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा।
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